Agnipath Scheme Protest: सेना की नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्यों बनी हैं देश की सड़कें 'अग्निपथ', युवा किस बात का रहा विरोध

अग्निपथ नाम की इस योजना को सशस्त्र बलों युवा सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके तहत तीनों सेनाओं में चार साल के लिए युवाओं को भर्ती किया जाएगा। इन युवाओं को 'अग्निवीर' कहा जाएगा

अपडेटेड Jun 17, 2022 पर 3:44 PM
सेना की नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्यों बनी हैं देश की सड़कें अग्निपथ

Agnipath Scheme Protest: इस हफ्ते की शुरुआत में 14 जून को कैबिनेट ने भारतीय सशस्त्र बलों में युवाओं की अस्थायी भर्ती के लिए अग्निपथ (Agnipath) योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवा तीनों सेनाओं में लागू जोखिम और कठिनाई भत्ते (Risk and Hardship Allowances) के साथ एक आकर्षक मासिक पैकेज प्राप्त करेंगे।

अग्निपथ योजना क्या है?

अग्निपथ नाम की इस योजना को सशस्त्र बलों युवा सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके तहत तीनों सेनाओं में चार साल के लिए युवाओं को भर्ती किया जाएगा। इन युवाओं को 'अग्निवीर' कहा जाएगा।


सशस्त्र बलों में इनकी एक अलग रैंक बनाई जाएंगी, जो कि किसी भी मौजूदा रैंक से अलग है। यह सरकार के अनुसार, सशस्त्र बलों को "भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए युवा, फिटर, विविध प्रोफाइल" रखने में मदद करेगा।

योजना के तहत, अग्निवीरों से जुड़े सेवा अधिनियमों के तहत नामांकित किया जाएगा। इस साल कम से कम 46,000 अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। चार साल का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद युवाओं को 11.71 लाख रुपये के एकमुश्त 'सेवा निधि' पैकेज का भुगतान किया जाएगा।

'सेवा निधि' में इनकम टैक्स से छूट दी जाएगी। साथ ही ग्रेच्युटी और पेंशन से जुड़ा कोई लाभ नहीं मिलेगा। अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में उनके चार साल के कॉन्ट्रैक्ट में 48 लाख रुपये का नॉन कंट्रीब्यूटरी जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।

अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में स्थायी नामांकन के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इन आवेदनों पर उनकी चार साल की नियुक्ति अवधि के दौरान प्रदर्शन समेत वस्तुनिष्ठ मानदंडों के आधार पर केंद्रीकृत तरीके से विचार किया जाएगा। इसमें से हर एक बैच के 25 प्रतिशत 'अग्निवीरों' को स्थायी तौर पर सेना में भर्ती किया जाएगा।

स्थायी भर्ती के लिए चुने गए लोगों को कम से कम 15 सालों के एक और कॉन्ट्रैक्ट पीरियड के लिए सर्विस देना जरूरी होगा। ये लोग जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCOs)/अन्य रैंकों (ORs) की सेवा के मौजूदा नियमों और शर्तों के तहत भर्ती किए जाएंगे।

अग्निपथ योजना के तहत नामांकन कैसे करें?

सभी तीन सेवाओं के लिए एक ऑनलाइन सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के जरिए नामांकन किया जाएगा। इसमें इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट और नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क जैसे मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थानों से विशेष रैलियों और कैंपस इंटरव्यू शामिल हैं।

नामांकन 'ऑल इंडिया ऑल क्लास' के आधार पर होगा। 17.5 से 23 साल की उम्र के युवा इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। अग्निवीर सशस्त्र बलों में नामांकन के लिए सभी कैटेगरी और ट्रेड के लिए तय की गईं मेडिकल शर्तों को पूरा करेंगे।

अलग-अलग कैटेगरी में नामांकन के लिए अग्निवीरों की शैक्षिक योग्यता बदलती रहेगी। उदाहरण के लिए: जनरल ड्यूटी (जीडी) सैनिक के लिए शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10वीं है।

अग्निपथ योजना को लेकर क्या है विवाद?

कई आम लोगों और राजनेताओं ने शिकायत की है कि केंद्र की नई योजना सही नहीं है। भर्ती कर्मियों को पेंशन आदि जैसे अलग-अलग मौद्रिक लाभ नहीं मिलेंगे। इसके अलावा, चार साल की अवधि के बाद केवल 25 प्रतिशत रंगरूटों का ही सशस्त्र बलों में भविष्य तय होगा। हालांकि, गृह मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की भर्ती करते समय 'अग्निवीरों' को प्राथमिकता दी जाएगी।

कई भारतीय सेना के उम्मीदवारों ने इस योजना को खारिज कर दिया। इसके विरोध में बिहार में सड़कों पर उतर आए। जारी आंदोलन से बक्सर, जहानाबाद और नवादा जिलों में सड़क और ट्रेन यातायात बाधित हो गया है।

प्रदर्शनकारी अग्निपथ योजना के तहत किसी भी तरह का पेंशन फंड ने मिलने और केवल चार साल के लिए रोजगार मिलने की गारंटी को लेकर विरोध कर रहे हैं।

ANI ने एक प्रदर्शनकारी के हवाले से कहा, "हम मांग करते हैं कि भर्ती उसी तरह की जाए जैसे पहले होती थी। टूर ऑफ ड्यूटी (ToD) को वापस लिया जाए और परीक्षा पहले की तरह आयोजित की जाए। सिर्फ चार साल के लिए कोई भी सेना में नहीं जाएगा।"

एक और प्रदर्शनकारी ने कहा, "केवल चार साल काम करने के बाद हम कहां जाएंगे? चार साल की सेवा के बाद हम बेघर हो जाएंगे। इसलिए हमने सड़कों को जाम कर दिया है। हम सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। महीनों के प्रशिक्षण और छुट्टी के साथ चार साल की सेवा कैसी होगी? सिर्फ तीन साल की ट्रेनिंग के लिए हम देश की रक्षा कैसे करेंगे? सरकार को इस योजना को वापस लेना होगा।"

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