ताज नगरी आगरा में लोग भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं। तापमान इतना ज्यादा है कि लोग घरों के बाहर के बड़ी मुश्किल से निकल रहे हैं। आगरा का तापामान करीब 48 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है। गर्मी से बचने के लोग उपाय खोज रहे हैं। एयर कंडीशनर (Air Conditioner - AC) की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी हुई है। लेकिन इन सभी के उलट आगरा के दयालबाग की एक दर्जन कॉलोनियों में आज भी AC नहीं है। यहां ज्यादातर IAS-PCS रैंक के अधिकारी रहते हैं। ऐसा बिल्कुल भी नहीं कि ये लोग एसी नहीं खरीद सकते हैं। लेकिन यहां एसी की जरूरत ही नहीं पड़ती है।
दरअसल, यहां आज भी AC लगाने पर पाबंदी लगी हुई है। यहां का तापमान शहर के मुकाबले काफी कम है। इन कॉलोनी में आईएएस, आईपीएस और कई सारे जज भी रहते हैं। जो गर्मियों में सिर्फ कूलर और पंखे से कम चलाते हैं।
जब से कॉलोनियां बनीं, नहीं लगे AC
आगरा सिटी के बीचों बीच दयालबाग पड़ता है। यहां 50 से 90 साल पुरानी 10 कॉलोनियां हैं। यहां घरों के बनावट अलग तरीके के हैं। मकान ज्यादा हाईटेक नहीं हैं। घरों की छत ऊंची है। ऊपर वेंटिलेशन सिस्टम बना है। जानकार बताते हैं- पुराने समय में ऐसी बनावट इसलिए होती थी कि गर्म हवा ऊपर उठे और कमरे के निचले हिस्से को ठंडा रखे। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि हमने कभी AC नहीं लगवाया, न लगाना है। आसपास की कॉलोनी में बड़ी संख्या में पेड़ लगे हुए हैं। किसी भी घर की छत पर आपको एयर कंडीशनर लटका हुआ नहीं दिखाई देगा। यह कॉलोनी स्वामी नगर, दयाल नगर, प्रेम नगर ,विद्युत नगर, श्वेत नगर, कार्यवीर नगर, राधा नगर, सरन नगर, मेहर बाग और DEI कॉलोनी है।
इन सभी कॉलोनी में करीब 1500 ज्यादा परिवार रहते हैं। इसमे से किसी के घर में एयर कंडीशनर नहीं लगा है। यहां सिर्फ पंखा और कूलर से ही लोग काम चलाते हैं। राधानगर के गुरमौज चावड़ा ने बताया कि कॉलोनी में AC लगाने की इजाजत नहीं है। दयालबाग को ईको फ्रेंडली बनाने की यह पहल है। पर्यावरण बचाने में सबको योगदान देना चाहिए। हमें पर्यावरण की सेहत और सुख का भी ख्याल रखना होगा।