केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज किसानों पर बात करते हुए कहा की खाने-पीने की चीजें तो किसान ही उगाता है। प्रधानमंत्री जी का भी संकल्प है कि किसानों की स्थिति बेहतर हो। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमारे पीएम पिछले 10 सालों से काम कर रहे हैं। किसी की आय बढ़ाने पर हमारा फोकस। हम कृषि और किसानों की बेहतरी और भारत की खाद्य आत्मनिर्भर के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमको भारत को फूड बास्केट बनाना है और ये होगा भी। ये लक्ष्य कठिन है लेकिन असंभव नहीं। हमारी रणनीति है उत्पादन बढ़ाना। प्रति हेक्टेयर यील्ड कैसे बढ़े इसके लिए उन्नत बीज औरआधुनिक टेक्नोलॉजी की जरूर है।
100 उन्नत बीज जल्द ही होंगे लॉन्च
शिवराज सिंह ने बताया कि अधिक उत्पादन देने वाले आधुनिक टेक्नोलॉजी से बनाए गए 100 उन्नत बीज जल्द ही लॉन्च किए जाने वाले हैं। आईसीआर लगातार इस दिशा में काम कर रहा है। उत्पादन बढ़ाना हौ उत्पादन की लागत घटाना है तब मुनाफा बढ़ेगा। इस पर लगातार जो बनाए रखा जाएगा।
सरकार का दलहन के इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य
शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि आज फसलों का डायवर्सिफिकेशन भी जरूरी है और परंपरागत फसलों की खेती करना भी जरूरी है। खेती से देश की अनाज की जरूरत पूरी होनी चाहिए। देश की मांग पूरी होने पर एक्सपोर्ट भी शुरू करेंगे। सरकार का दलहन के इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य है। दलहन इंपोर्ट करने के लिए सरकार ने दलहन मिशन बनाया है। सरकार दलहन के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। तुअर, उड़द, मसूर का उत्पादन बढ़ाने पर जोर है। दलहन का पूरा उत्पादन सरकार MSP पर खरीदेगी। खेती के दूसरे विकल्पों को तलाशने की जरूरत है। देश में बांस की खीते की भी शुरुआत हो चुकी है।