कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने बुधवार को कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं, तो पार्टी फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। उनका कहना था कि हाल की घटनाओं के बाद भी छात्रों और लोगों में नाराजगी अब भी बनी हुई है। अभिजीत दिपके का यह बयान ऐसे समय आया है, जब लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पास हो गया है। इस विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कानून को और सख्त बनाना है।
लोकसभा में पास हुआ विधेयक
लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट किया। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इसके बाद यह विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
संशोधन विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि सिर्फ कानून में बदलाव करने से समस्या का पूरा समाधान नहीं होगा। उनका कहना था कि जब तक लोगों की सोच और नीयत नहीं बदलेगी, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, "देश में कई सुधार किए जा रहे हैं, लेकिन अगर लोगों की नीयत नहीं बदलेगी, तो सिर्फ कानून बदलने से कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।" अभिजीत दिपके ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई फास्ट-ट्रैक कोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मामले की पहली सुनवाई इसलिए टालनी पड़ी, क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का वकील अदालत में मौजूद नहीं था। उनके मुताबिक, इससे जांच और सुनवाई की रफ्तार पर भी सवाल खड़े होते हैं।
FIR वापस नहीं हुई तो आंदोलन जारी रहेगा
अभिजीत दिपके ने कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं, तो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो अगला विरोध प्रदर्शन पहले से भी बड़ा होगा। दिपके ने आरोप लगाया कि छात्रों को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "अगर छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं और उन्हें इसी तरह परेशान किया जाता रहा, तो हम दोबारा आंदोलन करेंगे। सरकार को यह समझना चाहिए कि छात्रों का गुस्सा अभी खत्म नहीं हुआ है।"
अभिजीत दिपके ने आगे कहा कि सरकार को यह नहीं मानना चाहिए कि सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से लोगों की नाराजगी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, "अगर सरकार को लगता है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लोगों का गुस्सा शांत हो जाएगा, तो ऐसा नहीं है। छात्रों और लोगों में अब भी काफी नाराजगी है। अगर जरूरत पड़ी, तो हम फिर से आंदोलन करेंगे और अगला प्रदर्शन पहले से भी बड़ा होगा।"