दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिल का दौरा (Cardiac Arrest) पड़ने से एयर इंडिया के एक पायलट की अस्पताल में मौत हो गई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पायलट का नाम कैप्टन हिमानिल कुमार है और उनकी उम्र 37 साल बताई जा रही है। वे गुरुवार, 16 नवंबर को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर थे, जब कार्डियक अरेस्ट के बाद बेहोश हो गए। उन्हें Cardiopulmonary Resuscitation यानी CPR दिया गया और पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। कुमार दिवाली की छुट्टी के बाद काम पर वापस लौटे थे। उनका किसी फ्लाइट को ऑपरेट करने का शेड्यूल नहीं था, बल्कि वे दूसरी तरह के एयरक्राफ्ट उड़ाने के ट्रेनिंग के लिए एयरपोर्ट पर थे।
एविएशन रेगुलेटरी बॉडी DGCA ने पायलट को आए कार्डियक अरेस्ट के पीछे ड्यूटी के कारण थकान होने जैसे दावों को खारिज कर दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक DGCA के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि कैप्टन हिमानिल कुमार ने 23 अगस्त 2023 को अपना मेडिकल कराया और उन्हें फिट घोषित किया गया, उनकी मेडिकल वैलिडिटी 30 अगस्त 2024 तक थी।
अधिकारी ने कहा कि वे दिवाली के बाद से छुट्टी पर थे और गुरुवार को अपनी क्लास के लिए लौटे। फ्लाइंग ड्यूटीज को लेकर थकान संबंधी कोई समस्या नहीं थी। पायलट बी777 विमान को उड़ाने के लिए 3 अक्टूबर से ही कोर्स कर रहे थे। वह पहले ए320 टाइप के विमान को उड़ाया करते थे।
हाल के दिनों में पायलटों की थकान चिंता का विषय बन गई है। पहले यह बताया गया था कि एयर इंडिया, विस्तारा और इंडिगो सहित कई भारतीय एयरलाइंस पायलट हेल्थ के बारे में चिंताओं को दूर करने के लिए नए केबिन क्रू और पायलट रोस्टर की कोशिश कर रही हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सितंबर में मनीकंट्रोल को बताया, "डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन अधिक पायलट और केबिन क्रू-फ्रेंडली रोस्टरिंग शेड्यूल बनाने और थकान को कम करने के लिए सभी भारतीय एयरलाइनों के साथ काम कर रहा है।"