पत्नी को देखना पसंद...वर्क लाइफ बैलेंस डिबेट में कूदे आनंद महिंद्रा, L&T चेयरमैन को दिया जवाब!

लार्सन एंड टुब्रो चेयरमैन के 90 घंटे काम करने वाले बयान पर चल रही बहस के बीच आनंद महिंद्रा ने प्रतिक्रिया दी है। आनंद महिंद्रा ने कहा कि काम के घंटे बढ़ाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि काम की गुणवत्ता ज्यादा महत्वपूर्ण है, न कि काम करने के घंटे

अपडेटेड Jan 11, 2025 पर 7:59 PM
90 घंटे काम करने वाले बयान पर चल रही बहस के बीच आनंद महिंद्रा ने प्रतिक्रिया दी है

L&T chairman 90 hours Work: हाल ही के कुछ सालों में भारत में 'वर्क लाइफ बैलेंस' के खिलाफ उल्टी गंगा बहती हुई दिख रही है। ऐसा लगता है कि देश की कई कंपनियों की डिक्शनरी से 'वर्क लाइफ बैलेंस'शब्द गायब ही हो गया है। पिछले साल देश के सबसे बड़ी कंपनियों में से एक इन्फोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति ने हफ्ते में 70 घंटे काम करने की सलाह दी थी। अब लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro) के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन ने अपने कर्मचारियों को हफ्ते के सातों दिन काम करने की सलाह दे डाली। एसएन सुब्रह्मण्यन के बयान के बद वर्क लाइफ बैलेंस को लेकर चल रही बहस में अब आनंद महिंद्रा भी शामिल हो गए हैं।

इस बात पर छिड़ी थी बहस

लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro) के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन ने अपने यहां काम करने वालों को 90 घंटे काम करने की सलाह दी है। अपने कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान, सुब्रह्मण्यन ने उन्हें हफ्ते में 90 घंटे के काम करने की सलाह दी और कर्मचारियों के घर पर वक्त बिताने पर सवाल उठाए। उन्होंने कर्मचारियों को काम को प्रॉयरिटी देने की सलाह दी और कहा कि, 'मुझे खेद है कि मैं आप से रविवार को काम नहीं करवा पा रहा हूं. अगर मैं आपको रविवार को काम करवा पाऊं, तो मुझे ज़्यादा खुशी होगी क्योंकि मैं रविवार को काम करता हूं।' उन्होंने आगे कहा कि, "आप घर पर बैठकर क्या करते हैं? आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक देख सकते हैं? चलो, ऑफिस जाओ और काम करना शुरू करो।"


आनंद महिंद्रा ने कही ये बात

वर्क लाइफ बैलेंस और सप्ताह में 70 से 90 घंटे तक काम करने पर छिड़ी बहस पर आनंद महिंद्रा ने अपने तरीके से जवाब दिया। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने शनिवार को कहा कि 'काम की गुणवत्ता' पर ध्यान देना चाहिए न कि 'काम की मात्रा' पर । उन्होंने कहा कि, आप हफ्ते में 90 घंटे काम कर रहो हो ये जरूरी नहीं है आप उसमें क्या हासिल कर रहे हो ये जरूरी है। काम के घंटों पर ध्यान ना देकर काम की गुणवत्ता पर हमें ध्यान देना चाहिए। आनंद महिंद्रा ने आगे कहा कि यह काम के परिणाम पर निर्भर करता है और “आप 10 घंटे में दुनिया बदल सकते हैं।” जब उनसे पूछा गया कि वे काम पर कितने घंटे लगाते हैं, तो उन्होंने कहा, “ मुझसे पूछें कि मेरे काम की गुणवत्ता क्या है, मुझसे यह न पूछें कि मैं कितने घंटे काम करता हूं।”

कार्यक्रम के दौरान आनंद महिंद्रा ने एक सवाल के जवाब में कहा, "मैं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स' पर इसलिए नहीं हूं कि मैं अकेला हूं। मेरी पत्नी बहुत अच्छी है, मुझे उसे देखना पसंद है।"

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