Anjali Death Case: अंजली की दोस्त निधि की कहानी कितनी सच्ची और कितनी झूठी? इन तीन दावों पर उठ रहे हैं गहरे सवाल
Anjali Death Case: निधि (Nidhi) ने अंजलि और घटना को लेकर कई दावे किए हैं। पुलिस ने मंगलवार को उसके बयान दर्ज किए। दिल्ली पुलिस की एक टीम आज भी सुल्तानपुरी में निधि के घर पहुंची। अब निधि का पक्ष भी सवालों के घेरे में आता दिख रहा है
Anjali Death Case: अंजली की दोस्त निधि की कहानी कितनी सच्ची और कितनी झूठी?
Anjali Death Case: नए साल के मौके पर बाहरी दिल्ली में 20 साल की अंजलि सिंह (Anjali Singh) को एक कार ने टक्कर मार कर कई किलोमीटर तक घसीटा और इसके बाद सड़क पर उसकी लाश मिली। अंजली की मौत का मामला आए दिन नया मोड़ ले रहा है। आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे लोगों के बढ़ते दबाव के साथ दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की जांच भी तेजी से चल रही है। इस बीच अंजलि की दोस्त निधि (Nidhi) मंगलवार को इस रूह कंपा देने वाली घटना की एकमात्र चश्मदीद गवाह के रूप में सामने आई। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
निधि ने अंजलि और घटना को लेकर कई दावे किए हैं। पुलिस ने मंगलवार को उसके बयान दर्ज किए। दिल्ली पुलिस की एक टीम आज भी सुल्तानपुरी में निधि के घर पहुंची, लेकिन अब जैसे ही नए तथ्य सामने आए हैं, तो वैसे ही निधि का पक्ष भी सवालों के घेरे में आता दिख रहा है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के समय निधि शायद मौजूद नहीं थी, क्योंकि एक CCTV फुटेज में दुर्घटना की रात 1:37 बजे उसे अपने घर में घुसते हुए देखा गया है। पुलिस ने ये भी कहा कि निधि भी नशे में थी।
आइए एक नजर डालते हैं कि निधि के दावों पर आखिर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं।
निधि का दावा- अंजली नशे में थी और उसने जबरदस्ती खुद स्कूटी चलाने के लिए कहा था।
दावे के उलट- अंजलि की ऑटोप्सी रिपोर्ट में शराब के कोई निशान नहीं मिले हैं। अंजलि के फैमली डॉक्टर डॉ. भूपेश ने उसके दोस्त के दावों को खारिज कर दिया कि वह घटना की रात भारी नशे में थी। उन्होंने कहा कि ऑटोप्सी रिपोर्ट में उसके पेट में शराब का कोई निशान नहीं मिला। अंजलि की मां ने भी कहा कि उसने कभी शराब नहीं पी और निधि के आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस ने दावा किया कि निधि नशे में थी।
निधि का दावा- उसका फोन दुर्घटना के बाद टूट गया था, इसलिए वो पुलिस से संपर्क नहीं कर पाई थी।
दावे के उलट- CCTV फुटेज में निधि के हाथ में फोन नजर आ रहा है। निधि के दोस्त निशांत ने दावा किया कि निधि ने करीब 2.30 बजे उससे सी-टाइप चार्जर मांगा था। निशांत ने कहा कि उसने मुझे अपना फोन दिया, ताकि वह मैं उसे चार्ज कर सकूं।
निधि का दावा- हादसा सुबह करीब 2 से 3 बजे के बीच हुआ। निधि ने यह भी कहा कि उसने अंजली को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन बचा नहीं पाई, क्योंकि आरोपी लोगों ने उसके ऊपर भी कार चलाने की कोशिश की थी।
दावे के उलट- CCTV में दिख रहा है कि निधि रात 1.37 बजे घर पहुंची। हालांकि, CCTV फुटेज की टाइमिंग में खराबी है। निधि के दोस्त निशांत ने दावा किया कि उसने उसे 2.30 बजे के आसपास घर पहुंचते देखा।
दरअसल अंजलि की स्कूटी को नए साल वाली रात को एक कार ने टक्कर मार दी थी और दुर्घटना के बाद वह कार में फंसकर 12 किलोमीटर तक घसटती गई थी। उसका शव बाहरी दिल्ली के कंझावला में मिला था।
कथित तौर पर कार में सवार पांच लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत IPC की दूसरी कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पांचों आरोपियों को सोमवार को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
आरोपियों की पहचान 26 साल के दीपक खन्ना के रूप में हुई है, जो ग्रामीण सेवा में बतौर ड्राइवर काम करता है। दूसरा 25 साल का अमित खन्ना, जो SBI कार्ड उत्तम नगर के लिए काम करता है। तीसरा 27 साल का कृष्णन, जो सीपी नई दिल्ली में एक स्पेनिश कल्चर सेंटर में काम करता है। चौथा 26 साल का मिथुन, जो नाई का काम करता है और पांचवां 27 साल का मनोज मित्तल, जो पी ब्लॉक सुल्तानपुरी में राशन डीलर का काम करता है।
सोमवार को 20 साल की अंजली का पोस्टमॉर्टम हुआ और मंगलवार को रिपोर्ट आई। रिपोर्ट से पता चलता है कि कोई यौन हमला नहीं हुआ था। पीड़िता के परिवार ने पहले यौन उत्पीड़न की आशंका जताई थी, लेकिन अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से वे संतुष्ट हैं।
वहीं दिल्ली महिला आयोग (DCW) प्रमुख स्वाति मालीवाल ने पीड़िता को बदनाम करने के प्रति आगाह किया और सहेली के दावों की जांच की मांग की।