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Article 370 Verdict: जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को रद्द करने का फैसला बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था'

Article 370 Verdict: शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान आर्टिकल 370 को निरस्त करने का बचाव करने वालों और केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ वकीलों हरीश साल्वे, राकेश द्विवेदी, वी गिरि और अन्य की दलीलों को सुना था। याचिकाकर्ताओं ने केंद्र के इस फैसलों को संघवाद पर हमला और संविधान के साथ धोखा करार दिया था

Akhileshअपडेटेड Dec 11, 2023 पर 11:57 AM
Article 370 Verdict: जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को रद्द करने का फैसला बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था'
Article 370 Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया

Article 370 Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि आर्टिकल 370 एक अस्थायी प्रावधान था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आर्टिकल 370 का अस्तित्व समाप्त होने की अधिसूचना जारी करने की राष्ट्रपति की शक्ति जम्मू-कश्मीर संविधान सभा के भंग होने के बाद भी बनी रहती है। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में 30 सितंबर 2024 तक चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा है कि जितनी जल्दी हो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाए।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Judgment) ने कहा कि हमारा मानना है कि आर्टिकल 370 एक अस्थायी प्रावधान है। इसे एक अंतरिम प्रक्रिया को पूरा करने के लिए संक्रमणकालीन उद्देश्य की पूर्ति के लिए पेश किया गया था। राज्य मे युद्ध की स्थिति के कारण यह एक अस्थायी उद्देश्य के लिए था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख के पुनर्गठन को बरकरार रखा है।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त करने संबंधी केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को अपना फैसला सुनाया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ (CJI D. Y. Chandrachud) की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया।

फैसले की बड़ी बातें

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