असम में बाढ़ से लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। 29 जिलों में 16.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य भर में बड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। एक अधिकारिक बुलेटिन में इस बात की जानकारी दी गई है। कामरूप (मेट्रो) जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। ब्रह्मपुत्र, दिगारू और कोलोंग नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। बुधवार को राज्य में बाढ़ के पानी में डूबने से आठ लोगों की मौत हो गई। सोनितपुर जिले में दो जबकि मोरीगांव, डिब्रूगढ़, दरांग, गोलाघाट, बिस्वनाथ और तिनसुकिया जिले में एक-एक व्यक्ति की जान गई। अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है।
राज्य के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा आज बाढ़ के हालात जायजा लेंगे। इसके लिए सीएम गुवाहाटी महानगर क्षेत्र के मालीगांव, पांडु पोर्ट और मंदिर घाट क्षेत्रों का दौरा करेंगे। बाढ़ के कारण बारपेटा, विश्वनाथ, कछार, चराईदेव, चिरांग, दरांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, मेट्रोपोलिटन, कार्बी, आंगलोंग, करीमगंज, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, सोनितपुर, तमुलपुर, तिमसुकिया और उदालगुड़ी जिले प्रभावित हुए हैं।
असम में आई बाढ़ के मामले में सीएम ने की आपात कालीन बैठक
राज्य के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार देर रात सभी जिला आयुक्तों के साथ बैठक की। जिसमें बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। इसमें कहा गया है कि प्रभावित इलाकों में कैबिनेट मंत्री दौरा करेंगे। इस साल बाढ़, लैंड स्लाइडिंग भूस्खलन और तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। तीन अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के पानी से 42,476.18 हेक्टेयर फसल डूब गई है। इस बाढ़ में कुल 2800 गांव प्रभावित हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर नेमाटी घाट, तेजपुर, गुवाहाटी और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर है। इसके अलावा प्रदेश में अन्य नदियां भी उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
Assam Flood: प्रशासन, सेना, अर्धसैनिक बल, SDRF बचाव कार्य में लगी
इस बीच स्थानीय प्रशासन, सेना, अर्धसैनिक बल, SDRF की बचाव टीमें कई जगहों पर बचाव कार्य में लगी हुई हैं। प्रशासन ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 10754.98 क्विंटल चावल, 1958.89 ¨क्विंटल दाल, 554.91 क्विंटल नमक और 23061.44 लीटर सरसों का तेल बांटा गया। जानवरों को चारा भी मुहैया कराया गया है।