माफिया से राजनेता बने गैंगस्टर अतीक अहमद (Atiq Ahmed) को गुजरात की साबरमती जेल (Sabarmati jail) से सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) लाया जा रहा है। यूपी पुलिस अतीक को लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हो चुकी है। अतीक को झांसी शहर के रास्ते ले जाया जा रहा है। यूपी में एंट्री करते ही अतीक अहमद थोड़ा बेफ्रिक दिखा। गुजरात में अपनी हत्या होने की आशंका जताने वाले माफिया से जब मीडिया ने डर को लेकर सवाल किया तो उसने दो टूक कहा- काहे का डर। उमेश पाल अपहरणकांड के आरोपित अतीक को 28 मार्च को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया जाना है।
अतीक अहमद के काफिले ने राजस्थान से शिवपुरी जिले की सीमा में सुबह लगभग 6:30 बजे एंट्री की। तेन्दुआ थाना अन्तर्गत आने वाले नेशनल हाई-वे पर मोड़ के पास सुबह 7:09 बजे काफिले में शामिल सभी वाहन रुके और यहां वॉशरूम करने अतीक अहमद भी उतरा। इसी दौरान मौजूद पत्रकारों ने जब उससे सवाल किया तो उसने बोला- 'काहे का डर।'
गुजरात में जताई थी हत्या की आशंका
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रयागराज ले जाए जाने से पहले अहमदाबाद में साबरमती केंद्रीय जेल से बाहर निकलने के बाद अतीक अहमद ने रविवार को आशंका जताई कि उसकी हत्या की जा सकती है। अहमद को जब जेल से बाहर पुलिस वैन में ले जाया जा रहा था, तब उसने वहां मौजूद पत्रकारों से कहा, ‘हत्या, हत्या।’ जब पत्रकारों ने पूछा कि उसे पुलिस वैन में ले जाया जा रहा है, तो उसे डर क्यों लग रहा है? अहमद ने कहा, ‘मुझे इनका प्रोग्राम (योजना) मालूम है… हत्या करना चाहते हैं।’
यूपी आने को तैयार नहीं था माफिया
उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम रविवार शाम को माफिया अतीक अहमद को गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती केंद्रीय जेल से लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हुई। अतीक इस जेल में जून 2019 से बंद है। अधिकारियों ने बताया कि अतीक को एक अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जो 28 मार्च को अपहरण के एक मामले में आदेश पारित करने वाली है, जिसमें वह आरोपी है।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम सुबह साबरमती जेल पहुंची और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शाम करीब छह बजे एक पुलिस वैन में अतीक को लेकर निकल गई। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
समाजवादी पार्टी (सपा) का पूर्व सांसद अतीक जून 2019 से साबरमती जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अतीक अहमद को उसके गृह राज्य (उत्तर प्रदेश) से साबरमती जेल शिफ्ट कर दिया गया था। सूत्रों ने कहा कि अतीक अहमद को डर था कि उसे प्रयागराज ले जाते समय या तो फर्जी एक्सीडेंट या फेक एनकाउंटर में मार दिया जाएगा। जेल से निकलते हुए माफिया के चेहरे पर खौफ साफ दिख रहा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब अतीक अहमद को उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम हिरासत में लेने पहुंची तो उसने साबरमती जेल से बाहर आने से इनकार कर दिया। सूत्रों ने कहा कि यूपी पुलिस की टीम ने जेल अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की, जिन्होंने उसे काफी समझाया तब जाकर वह प्रयागराज आने को तैयार हुआ। सूत्रों ने कहा कि माफिया कह रहा था कि शीर्ष अदालत के आदेश पर ही वह यूपी जाएगा।
बता दें कि अतीक अहमद 2005 में तत्कालीन BSP विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है। उसके खिलाफ उमेश पाल की हत्या के मामले में हाल ही में मामला दर्ज किया गया था। उमेश पाल, राजू पाल की हत्या का मुख्य गवाह था। 24 फरवरी को यूपी के प्रयागराज में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में शामिल एक शूटर को इस महीने की शुरुआत में एक एनकाउंट में मार गिराया गया था।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तारी के बाद गैंगस्टर विकास दुबे को कानपुर ले जाते समय रास्ते में पुलिस का वाहन संदिग्ध परिस्थितियों में पलट गया था, जिसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया था। घटना जुलाई, 2020 की है। पुलिस का दावा है कि दुबे ने भागने का प्रयास किया था।