अतीक अहमद की अब पहचान होगी कैदी नंबर 'D17052', पहननी होगी जेल की वर्दी, दोषियों वाले सेल में किया जाएगा शिफ्ट

अतीक अहमद (Atiq Ahmed) को 2005 में हुई BSP विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल के अपहरण का दोषी ठहराया गया था। पिछले दिनों ही उमेश पाल की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। अतीक अहमद का 44 साल पुराना लंबा आपराधिक कैरियर है और उसके खिलाफ 120 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं

अपडेटेड Mar 31, 2023 पर 2:19 PM
अतीक अहमद की अब पहचान होगी कैदी नंबर 'D17052' (PHOTO- PTI)

कैदी नंबर 'D17052' खूंखार गैंगस्टर (Gangster) से राजनेता बने अतीक अहमद (Atiq Ahmed) की अब ये नई पहचान है। अतीक को मंगलवार को 2006 के अपहरण के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अतीक को 2005 में हुई BSP विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल के अपहरण का दोषी ठहराया गया था। पिछले दिनों ही उमेश पाल की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। अतीक अहमद का 44 साल पुराना लंबा आपराधिक कैरियर है और उसके खिलाफ 120 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं।

ये शायद एकमात्र बदलाव नहीं है, जिससे यूपी के खूंखार माफिया को गुजरना पड़ेगा। News18 के मुताबिक, साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने कहा कि दोषी ठहराए जाने के बाद अहमद का जेल में जीवन पहले जैसा नहीं रहेगा।

गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक जेएस चावड़ा ने News18 को बताया, "अतीक अब अंडर ट्रायल नहीं है और इसलिए उसे दोषी माना जाएगा। उसे अब कैदी नंबर मिलना एक बड़ी बात है, क्योंकि दोषी ठहराए जाने के बाद ही किसी कैदी को नंबर दिया जाता है। अतीक का नंबर 'D17052' है, जो जेल में उसकी अब नई पहचान है।"


नंबर के हिसाब से देखा जाए है, तो 'D17052' अतीक अहमद की ये दूसरी 'न्यूमेरिकल पहचान' है। इससे पहले उसके 179 सदस्यों वाले गैंग की पहचान प्रयागराज पुलिस रिकॉर्ड में IS 227 के रूप में दर्ज की गई थी। इसमें उसके रिश्तेदार गुर्गे भी शामिल हैं।

कैदी नंबर के अलावा बदला और भी बहुत कुछ

'कैदी नंबर' मिलने के अलावा, अतीक अहमद को जेल की वर्दी भी दी गई है, जिसमें एक सफेद कुर्ता-पायजामा और टोपी दी गई, जो जेल मैनुअल के अनुसार सभी दोषियों के लिए इसे पहनना अनिवार्य है।

एक अधिकारी ने बताया, "अतीक को अब कमर कोट, काले रंग का कुर्ता पायजामा और सिर पर लपेटा हुआ उसका ट्रेडमार्क गमछा पहनने की आजादी नहीं होगी, इसी पोशाक में उसे हाल ही में देखा गया था। अब उसे जेल की वर्दी पहननी होगी।"

इसके अलावा गैंगस्टर को दोषियों के सेल में भी शिफ्ट किया जाएगा। अधिकारी ने आग कहा, "मूल रूप से, पूरी साबरमती जेल को दो हिस्सों में बांटा गया है - एक अंडर ट्रायल के लिए और दूसरा दोषियों के लिए। अतीक को दोषियों के लिए बने सेल के हाई-सिक्योरिटी जोन में ट्रांसफर किया जाएगा। हालांकि, अभी उसकी RTPCR रिपोर्ट का इंतजार है।"

Atiq Ahmed: उमेश पाल किडनैपिंग मामले में अतीक अहमद को उम्रकैद, अशरफ सहित 7 बरी, 17 साल बाद मिला इंसाफ

अधिकारी ने कहा कि इनके अलावा दोषियों के लिए काम करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, "मूल रूप से, तीन मुख्य विभाग हैं, जिनमें बढ़ईगीरी, मैकेनिक और दर्जी शामिल हैं, जहां अपराधी लगे हुए हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अनस्किल दोषियों को अनस्किल काम के लिए 70 रुपये प्रतिदिन, सेमीस्किल को 80 रुपए प्रतिदिन और स्किल दोषियों को 100 रुपए प्रतिदिन मिलते हैं। हालांकि, वे कैदी जो अनस्किल हैं और उम्र के मुद्दे हैं, वे साफ-सफाई के काम में लगे हुए हैं। अतीक के मामले में अभी ये तय नहीं हुआ है कि उसे किस तरह के काम से जोड़ा जाएगा।"

'जेल में अपनी अदालत लगाता था अतीक'

अहमद के आतंक को याद करते हुए लखनऊ के रहने वाले वरिष्ठ वकील रोहित कांत ने कहा कि गैंगस्टर सलाखों के पीछे होने के बावजूद कुख्यात था। ऐसा कहा जाता है कि अहमद जेल में अपने दिनों के दौरान एक निजी अदालत लगाता था।

कांत ने लखनऊ के एक रियाल्टार मोहित जायसवाल के अपहरण को याद किया, जिसकी रिपोर्ट 28 दिसंबर, 2018 को दर्ज की गई थी। इस मामले में, जायसवाल को लखनऊ के आलमबाग इलाके में उनके दफ्तर के बाहर से अगवा कर लिया गया था और लखनऊ से करीब 400 किलोमीटर दूर देवरिया जेल ले जाया गया था, जहां अहमद तब बंद था।

कांत ने आगे कहा, “अतीक के खिलाफ जायसवाल की FIR में कहा गया है कि उसे जेल के अंदर घसीटा गया था, जहां गैंगस्टर ने स्थानीय जेल अधिकारियों की मौजूदगी में एक अदालत लगाई हुई थी। इसके बाद रियाल्टार को प्रताड़ित किया गया और अतीक के साथियों के नाम पर उसकी पांच संपत्तियों के ट्रांसफर से जुड़े कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।”

हाल ही में उसे प्रयागराज लाए जाने के दौरान, अहमद को एक रिपोर्टर का जवाब में ये कहते हुए सुना गया, 'काहे का डर।' रिपोर्टर ने पूछा था कि जब उनका काफिला मध्य प्रदेश की शिवपुरी में यूपी की सीमाओं पर रुका था, तो क्या वह डर गए थे।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।