Atiq Ahmed: उमेश पाल किडनैपिंग मामले में अतीक अहमद को उम्रकैद, अशरफ सहित 7 बरी, 17 साल बाद मिला इंसाफ

प्रयागराज MP-MLA कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया से नेता बने अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद को दोषी करार दिया है। अतीक अहमद को 2006 में BSP विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल के अपहरण के मामले में मंगलवार को प्रयागराज की एक अदालत में पेश किया गया। उमेश पाल की पिछले महीने सरेआम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में भी अतीक आरोपी है

अपडेटेड Mar 28, 2023 पर 2:22 PM
Atiq Ahmed News: उमेश पाल का 28 फरवरी 2006 को अपहरण हुआ था। इसका आरोप अतीक अहमद और उसके साथियों पर लगा था

Atiq Ahmed Verdict: उमेश पाल अपहरण (Umesh Pal kidnapping case) के मामले में 17 साल बाद प्रयागराज कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। उमेश पाल किडनैपिंग मामले में माफिया से नेता बने अतीक अहमद सहित तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जो उमेश पाल के परिवार को दी जाएगी। कोर्ट ने इस मामले में अतीक अहमद, दिनेश पासी और खान सौलत हनीफ को दोषी करार दिया था। जबकि अतीक अहमद के भाई अशरफ सहित अन्य सभी 7 अभियुक्तों को बरी कर दिया गया।

17 साल बाद आया फैसला

प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट ने उमेश पाल किडनैपिंग मामले में माफिया से नेता बने अतीक अहमद (Atiq Ahmed)  समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष अदालत ने बाकी सभी सात आरोपियों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतीक के भाई अशरफ अहमद (Ashraf  Ahmed) सहित 10 में से सात आरोपियों को प्रयागराज कोर्ट ने बरी कर दिया है।


इस मामले में कुल 11 आरोपी थे, लेकिन इनमें से 1 की मौत हो चुकी है। इससे पहले सोमवार को अतीक अहमद को गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया था। जबकि उसके भाई अशरफ को बरेली से प्रयागराज लाया गया। गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद को 2006 में BSP विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल के अपहरण के मामले में मंगलवार को प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया।

उमेश पाल की पिछले महीने सरेआम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में भी अतीक आरोपी है। गैंगस्टर के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को भी कोर्ट ने दोषी करार दिया है। उमेश पाल का 28 फरवरी 2006 को अपहरण हुआ था। इसका आरोप अतीक अहमद और उसके साथियों पर लगा था।

उमेश ने आरोप लगाया था कि अतीक ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। अतीक पर आरोप है कि उसने 2006 में BSP विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल का अपहरण करवाया था। इस मामले में आज (28 मार्च) को अतीक को प्रयागराज की एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा।

2006 में हुआ था अपहरण

उमेश ने अपनी तहरीर में बताया था जब राजू पाल हत्याकांड मामले में उसने अतीक के दबाव में पीछे हटने से इनकार कर दिया तो 28 फरवरी, 2006 को उसने उसका बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया। अतीक, उसके भाई अशरफ और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 5 जुलाई, 2007 को एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में 11 आरोपियों के पकड़े जाने का जिक्र किया था। अतीक अहमद पर 100 से अधिक आपराधिक मामलों में दर्ज है।

25 जनवरी 2005 को राजू पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में अतीक अहमद, उसका भाई अशरफ समेत 5 आरोपी नामजद थे। जबकि चार अज्ञात को आरोपी बनाया था। इस केस में राजू पाल के रिश्तेदार उमेश पाल मुख्य गवाह था। इस मामले में बाहुबली अतीक अहमद, उसका भाई अशरफ समेत 11 आरोपी हैं।

उमेश पाल की हत्या

इसी साल 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के अगले दिन उमेश पाल की पत्नी की तहरीर पर अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन और कई अन्य लोगों के खिलाफ धूमनगंज थाने में FIR दर्ज की गई थी। उमेश पाल को अतीक के बेटे असद और उसके अन्य साथियों ने बम से हमला करके मार दिया था।

माफिया को गुजरात से लाया गया प्रयागराज

उमेश पाल हत्याकांड में नामजद माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गुजरात के साबरमती जेल से भारी सुरक्षा के बीच सोमवार शाम को प्रयागराज के नैनी केंद्रीय जेल लाया गया। सोमवार दोपहर से ही नैनी जेल में पुलिस बल की भारी तैनाती थी और मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगा था। इसके अलावा नैनी जेल के मुख्य द्वार पर पुलिस बलों की तैनाती की गई थी और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।

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नैनी केंद्रीय जेल के एक अधिकारी ने बताया की अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। उन्होंने बताया कि वहीं अतीक के बेटे अली को एक अलग बैरक में रखा गया है। प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा के मुताबिक, 17 साल पुराने अपहरण के एक मामले में आरोपियों को 28 मार्च को अदालत में पेश किया जाना है।

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