यस बैंक पर RBI की पाबंदी, 50,000 रुपए से ज्यादा रकम निकालने पर रोक

यह पाबंदी फिलहाल 5 मार्च से 3 अप्रैल तक के लिए लागू किया गया है, बैंक के बोर्ड पर 30 दिनों तक RBI का कब्जा रहेगा

अपडेटेड Mar 06, 2020 पर 3:26 PM
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यस बैंक के निवेशकों के लिए जहां सुबह तक अच्छी खबर थी वहीं इसके ग्राहकों के लिए शाम तक बुरी खबर आ गई। गुरुवार सुबह यह खबर आई कि सरकार ने SBI को कंसोर्शियम बनाकर यस बैंक में निवेश करने को कहा है। वहीं शाम 6 बजे यह खबर आई कि सरकार ने यस बैंक से 50,000 रुपए से ज्यादा रकम निकालने पर पाबंदी लगा दी है। यस बैंक के बोर्ड पर RBI का कब्जा हो गया है और कोई भी ग्राहक अपने अकाउंट से 50,000 से ज्यादा रकम नहीं निकाल सकता है। सरकार ने 5 मार्च से 3 अप्रैल के बीच तक यस बैंक पर यह पाबंदी लगाई है। अगर किसी ग्राहक के पास 4 अकाउंट है तो वह सभी खातों को मिलाकर भी सिर्फ 50,000 रुपए ही निकाल सकता है।

रिजर्व बैंक ने सरकार से विचार-विमर्श करने के बाद यह फैसला लिया है। यस बैंक की वित्तीय हालत खराब है और बैक लंबे समय से फंड जुटाने की कोशिश कर रहा था।  RBI ने SBI के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी प्रशांत कुमार को यस बैंक का एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया गया है। RBI ने अगले 30 दिनों के लिए यस बैंक के बोर्ड पर कब्जा कर लिया है।

SBI और LIC, यस बैंक (Yes Bank) में 49 फीसदी हिस्सेदारी लेने की तैयारी में हैं। ये कंपनियां 2 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से यस बैंक में स्टेक लेंगी। ईटी नाउ के मुताबिक, दोनों सरकारी कंपनियां यस बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी 490 करोड़ रुपए में लेंगी।

SBI को यस बैंक के शेयरों के लिए ओपन ऑफर लाने से छूट मिल जाएगी। SBI को इसी तरह की छूट नवंबर 2019 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मामले में मिली थी। सामान्य तौर पर अगर किसी कंपनी के पास 25 फीसदी से कम हिस्सेदारी होती है तो कम से कम 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए उसे ओपन ऑफर पेश करना पड़ता है। 

हालांकि सरकार यस बैंक के राष्ट्रीयकरण करने के मूड में नहीं है। लाइव मिंट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि SBI की अगुवाई वाला कंसोर्शियम सिर्फ हिस्सेदारी लेगा, राष्ट्रीयकरण नहीं करेगा।

गुरुवार सुबह यह खबर आने के बाद कि SBI हिस्सेदारी लेगा, यस बैंक के शेयर 26.96 फीसदी चढ़कर 36.85 रुपए पर बंद हुए। सरकार ने SBI को कहा है कि वह कंसोर्शियम बनाकर यस बैंक में हिस्सेदारी ले।


SBI ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि सेबी रेगुलेशन 2015 के तहत रेगुलेशन-30 के मुताबिक, हम टाइमलाइन में यह काम करेंगे और बाजार को इसकी जानकारी देंगे। इस साल जनवरी में यस बैंक के चेयरमैन रवनीत गिल ने कहा था कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कोई हल निकलेगा। बैंक 2 अरब डॉलर जुटाने की कोशिश में है।    

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