Bhediya Attack: बच्चों को बचाने के लिए भेड़िये से भिड़ गई मां, कुत्ते से भी हुआ जंगली जानवर का संघर्ष, रात भर मचाया आतंक
इसी तरह भेड़िये ने देर रात पड़ोस के गांव में हमला किया, जिसमें भेड़िये और एक पालतू कुत्ते के बीच भी काफी देर तक संघर्ष हुआ। संघर्ष के दौरान कई जगह पर जंगली जानवर के पैरों के निशान भी मिले। जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, उन्होंने इन्हें भेड़िया के नहीं बल्कि सियार के पैरों के निशान बताया
MoneyControl News
अपडेटेड Sep 02, 2024 पर 7:25 PM
Bhediya Attack: बच्चों को बचाने के लिए भेड़िये से भिड़ गई मां, कुत्ते से भी हुआ जंगली जानवर का संघर्ष, रात भर मचाया आतंक (FILE PIC)
यूपी के सीतापुर के ग्रामीण इलाकों में आतंक का पर्याय बन चुके भेड़िये ने अब शहर की तरफ अपने कदम बढ़ा दिए हैं, जिसमें रविवार रात हरगांव थाना क्षेत्र के परसेहरा शरिफपुर गांव में भेड़िये ने मां के साथ सो रहे एक मासूम पर हमला कर दिया। बच्चे पर भेड़िये को हमला करते देख, मां खूंखार भेड़िया से भिड़ गई। भेड़िये और महिला के बीच हुए संघर्ष में महिला के हाथ में गहरे दांतो और पंजे लग गए। शोर मचाने पर भेड़िया मौके से भाग गया। भागते समय भेड़िये ने एक और शख्स पर हमला कर दिए और वो भी घायल हो गया।
इसी तरह भेड़िये ने देर रात पड़ोस के गांव में हमला किया, जिसमें भेड़िये और एक पालतू कुत्ते के बीच भी काफी देर तक संघर्ष हुआ। संघर्ष के दौरान कई जगह पर जंगली जानवर के पैरों के निशान भी मिले। जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, उन्होंने इन्हें भेड़िया के नहीं बल्कि सियार के पैरों के निशान बताया। जबकि पूरा गांव भेड़िया होने का दावा कर रहा है।
फिलहाल परसेहरा शरीफपुर गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण खेतों पर नहीं जा रहे हैं। गांव में हर तरफ भेड़िये के हमले की ही चर्चा हो रही है। अगर खेतों पर लोग जा भी रहे हैं, तो हाथो में डंडे लेकर जा रहे हैं।भे
भेड़िये की दहशत का आलम यह है की गांव में महिलाएं घर के बाहर बैठ कर काम कर भी रही हैं, तो साथ में डंडे लेकर। कुल मिलाकर भेड़िये ने सदरपुर की तरफ से शहर की तरफ अपने कदम बढ़ा दिए हैं।
बता दें कि सीतापुर में भेड़िये के हमले में अब तक एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग घायल हो चुके हैं। वहीं वन विभाग हमेशा की तरह इस बार भी भेड़िया के बजाए सियार होने के दावा कर रहा है।
भेड़िये से भिड़ गई मां
गांव की महिला रोजीदा का कहना है कि वह रविवार रात अपने बच्चों के साथ घर के बाहर चारपाई पर लेटी हुई थी, तभी उसके बच्चे पर भेड़िये ने हमला कर दिया।
बच्चों के चिल्लाने पर उसकी नींद खुल गई और उसने अपने हाथ से भेड़िये पर हमला किया। रोजीदा ने बताया कि कुछ दूर जाने के बाद, जब भेड़िये ने दोबारा उसके बच्चे पर हमला किया, तो वह बीच में आ गई और भेड़िये और उसके बीच करीब 10 मिनट तक संघर्ष होता रहा, जिसमें भेड़िये के दांत और नाखून उसके हाथों में घुस गए और वह घायल हो गई।
गांव के ही एक और शख्स पर किया हमला
महिला का कहना है कि शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग उसके घर पर इकट्ठा हो गए। इसके बावजूद भेड़िया आक्रामक रहा, जब ग्रामीणों ने उस पर डंडे से हमला किया, तब वह उसके घर से भागा।
इसी बीच उसने गांव के ही एक और शख्स पर हमला कर दिया, जिसमें वह भी घायल हो गया। पीड़ित मां का कहना है कि उसने साफ-साफ देखा कि उसके बच्चे पर जिस जानवर ने हमला किया, वो सियार नहीं बल्कि भेड़िया था। उसे भेड़िये और सियार में अंतर मालूम है।
पास के ही गांव कसीमापुर की रहने वाली राम श्री का कहना है कि उनके घर के बाहर बंधी बकरी पर रात करीब 9 बजे भेड़िये ने हमला कर दिया, जिसमें उसके घर के पालतु कुत्ते ने भेड़िये को दौड़ा लिया, जिसमें दोनों के बीच काफी देर तक लड़ाई होती रही।
लौटकर दो भेड़ियों ने फिर क्या हमला
राम श्री का कहना है कि उनके पालतू कुत्ते और भेड़िये के बीच हो रहे संघर्ष के दौरान उनके लड़के ने भेड़िये पर कई बार डंडे से हमला किया, लेकिन वह उनके कुत्ते से संघर्ष करता रहा।
इस बीच भेड़िये के जमीन पर कई जगह निशान भी बन गए राम श्री का कहना है की कुछ देर बाद फिर से भेड़िये ने उनके घर पर हमला कर दिया। इस बार एक नहीं बल्कि दो भेड़िये थे, लेकिन गांव के लोगों के शोर मचाने पर दोनों भेड़िये भाग गए।
वन विभाग ने बताया सियार
राम श्री का कहना है कि गांव में दहशत का माहौल है पूरी रात गांव के लोग जागते रहे। दहशत का आलम यह है कि कोई भी गांव वाला अपने जानवरों के लिए घास लेने खेतों पर नहीं गया।
राम श्री ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी आए थे। उन्होंने कहा कि भेड़िया नहीं सियार था, लेकिन राम श्री ने वन विभाग के अधिकारियों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए, भेड़िया के होने का दावा किया।