बिहार के अधिकारी साहब के बिस्तर के नीचे से निकले नोटों के बंडल, गिनने के लिए मंगाई गई मशीन, रेड में मिली 1.87 रुपए की संपत्ति

Bihar Raid: SVU ने DEO के कार्यालय से अपनी कार्रवाई शुरू की और फिर उनके घर तक पहुंच गई। छापेमारी के दौरान उनके घर के अलग-अलग कमरों में बिस्तरों के नीचे छिपाए गए नोटों के बंडल बरामद किए गए। जब्त की गई नकदी कितनी है इसका पता लगाने के लिए स्थानीय बैंक से नोट गिनने की मशीन तक मंगवाई गई

अपडेटेड Jan 23, 2025 पर 8:17 PM
बिहार के अधिकारी साहब के बिस्तर के नीचे से निकले नोटों के बंडल, गिनने के लिए मंगाई गई मशीन

बिहार पुलिस का एंटी करप्शन विंग, स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने गुरुवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी रजनीकांत प्रवीण से जुड़े कई अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रवीण वर्तमान में पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के रूप में तैनात हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण और समस्तीपुर जिलों में तलाशी ली गई।

SVU ने DEO के कार्यालय से अपनी कार्रवाई शुरू की और फिर उनके घर तक पहुंच गई। छापेमारी के दौरान उनके घर के अलग-अलग कमरों में बिस्तरों के नीचे छिपाए गए नोटों के बंडल बरामद किए गए।

नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन


जब्त की गई नकदी कितनी है इसका पता लगाने के लिए स्थानीय बैंक से नोट गिनने की मशीन तक मंगवाई गई। छापेमारी दल के एक सदस्य ने बताया, "जब्त नोटों के बंडलों की गिनती के बाद नकदी की सही रकम का पता लगाया जाएगा।"

कैश के अलावा, SVU को 1.87 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। बताया जाता है कि DEO की पत्नी बेतिया में एक अपना एक प्राइवेट स्कूल भी चलाती हैं।

सूत्रों से पता चला है कि अलग-अलग शिक्षक संघों ने प्रवीण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित की है। हालांकि, प्रवीण की प्रभावशाली हस्तियों से नजदीकी के कारण इन आरोपों को कथित तौर पर सालों तक नजरअंदाज किया गया।

SVU के रडार पर हैं 10 और अधिकारी

प्रवीण तीन साल से ज्यादा समय से बेतिया में DEO के पद पर तैनात हैं। उन्होंने 2005 में राज्य शिक्षा विभाग में कार्यभार संभाला था। जरूरी परमिशन लेने के बाद गुरुवार की सुबह शुरू हुई छापेमारी, समाचार लिखे जाने तक जारी थी।

इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, और कम से कम 10 और अधिकारी भी इसी तरह के आरोपों के चलते SVU की निगरानी में हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "शिक्षा विभाग के कम से कम 10 अधिकारी SVU की निगरानी में हैं।"

इससे पहले पूर्वी चंपारण और किशनगंज जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद कार्रवाई की गई थी।

सूत्रों ने संकेत दिया कि राज्य भर में सरकारी स्कूलों के लिए फर्नीचर की खरीद में गड़बड़ियों के संबंध में खूब शिकायतें मिली हैं। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने भ्रष्ट आचरण में लिप्त आरोपी कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच के आदेश दिए हैं।

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