BSP MLA Murder Case: उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर प्रयागराज के बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके सुरक्षाकर्मी संदीप निषाद की शुक्रवार शाम सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। धूमनगंज थानाक्षेत्र में उमेश पाल के घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने बम और गोली से उन पर हमला किया। इस हमले में उमेश पाल के अलावा उनके दो सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए। हत्या का आरोप बाहुबली गैंगस्टर अतीक अहमद पर लगा है। वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जो दिल दहाल देने वाली है।
प्रयागराज के पुलिस आयुक्त रमित शर्मा ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया की आज शाम को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि किसी मामले में पैरवी कर रहे उमेश पाल पर हमला हुआ। उनके अनुसार सरकार की ओर से उन्हें दो सुरक्षाकर्मी दिए गए थे और वे भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए। शर्मा ने बताया कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में उमेश पाल की इलाज के दौरान मौत हो गई।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उमेश पाल के सुरक्षाकर्मी संदीप निषाद की भी देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि दूसरे सुरक्षाकर्मी राघवेंद्र सिंह का इलाज चल रहा है। पुलिस आय़ुक्त ने बताया कि यह घटना उमेश पाल के घर के बाहर हुई। उनका कहना है कि प्रारंभिक सूचना के मुताबिक उमेश पाल पर दो बम फेंके गए और एक छोटे हथियार से गोली चलाई गई। उनके मुताबिक परिजन धूमनगंज थाना में तहरीर दे रहे हैं जिसके आधार पर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
गैंगस्टर अतिक अहमद के दो बेटे गिरफ्तार
पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए आठ से 10 टीम लगा दी गई हैं और ये टीम अलग-अलग जगह गई हुई हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता लगाया जा रहा है कि हमलावर कितनी संख्या में थे। उन्होंने कहा कि परिजनों से तहरीर मिलने के बाद मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, प्रयागराज पुलिस ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर बताया कि उमेश पाल हत्या मामले में पुलिस ने गैंगस्टर अतीक अहमद के दो बेटे समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। उमेश पाल की सुरक्षा में लगे एक पुलिसकर्मी की भी मृत्यु हो गई और एक अभी भी घायल है।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘‘यह है उत्तर प्रदेश में ‘एनकाउंटर सरकार’ की झूठी छवि का 'सच्चा एनकाउंटर', जहां इलाहाबाद में सरेआम एक हत्याकांड के गवाह सहित दो पुलिसकर्मियों को बम-गोली से भून दिया गया। उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार के तहत ऐसी सुरक्षा एवं क़ानून-व्यवस्था में आम जनता भयभीत है।’’
आपको बता दें कि राजू पाल बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक थे और 2005 में उनकी हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल उस हत्याकांड के मुख्य गवाह थे। राजू पाल की हत्या में मुख्य आरोपी माफिया अतीक अहमद है जो गुजरात की एक जेल में बंद है। राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को प्रयागराज में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।