केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet Approves Revision in DTH Guidelines) ने बुधवार को डायरेक्ट टू होम (Direct To Home, DTH) सर्विस (DTH Services) प्रदान करने के लिए गाइडलाइंस में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे वर्तमान के 10 वर्ष के बजाय अब 20 साल के लिए लाइसेंस (DTH License) जारी किए जा सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर (Prakash Javadekar) ने पत्रकारों को बताया कि गाइडलाइंस में संशोधन करने से DTH क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेश निवेश (FDI) का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय ने डीटीएच क्षेत्र में 100 फीसदी FDI की बात कही थी लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के गाइडलाइंस के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा था, इसलिए इन गाइडलाइंस में सुधार की जरूरत थी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गाइडलाइंस में संशोधन से अब इस क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेश निवेश हो सकेगा। अभी तक इस क्षेत्र में 49 फीसदी FDI की इजाजत थी। मंत्रालय के अनुसार, इन संशोधनों से DTH के लिए लाइसेंस वर्तमान 10 साल के बजाए अब 20 साल की अवधि के लिए जारी किए जाएंगे। लाइसेंस शुल्क वर्तमान वार्षिक आधार के स्थान पर अब तिमाही आधार पर एकत्र किया जाएगा।
इसके अलावा DTH संचालकों को उनके द्वारा दिखाए जाने वाले कुल अनुमति प्राप्त प्लेटफार्म चैनलों की क्षमता से अधिकतम 5 प्रतिशत के संचालन की अनुमति दी जाएगी। बता दें कि DTH क्षेत्र एक अत्यधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। यह सीधे तौर पर DTH संचालकों को रोजगार देने के साथ-साथ कॉलसेंटरों में कार्यरत कर्मचारियों के अलावा जमीनी स्तर पर अप्रत्यक्ष रूप से काफी बड़ी संख्या में रोजगार प्रदान करता है।
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