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आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व DPIIT सेक्रेटरी रमेश अभिषेक के ठिकानों पर छापेमारी

CBI ने DPIIT यानी इंडस्‍ट्री एंड इंटरनल ट्रेड प्रोमोशन डिपार्टमेंट के पूर्व सचिव रमेश अभिषेक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सर्च ऑपरेशन चलाया है। अभिषेक पेटीएम पेमेंट्स बैंक के इंडिपेंडेंड डायरेक्टर भी हैं। खबरों के मुताबिक, इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद 20 फरवरी को CBI ने उनके परिसरों की तलाशी ली

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 20, 2024 पर 8:37 PM
आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व DPIIT सेक्रेटरी रमेश अभिषेक के ठिकानों पर छापेमारी
रमेश अभिषेक के खिलाफ मई 2019 में लोकपाल से शिकायत की गई थी।

CBI ने DPIIT यानी इंडस्‍ट्री एंड इंटरनल ट्रेड प्रोमोशन डिपार्टमेंट के पूर्व सचिव रमेश अभिषेक (Ramesh Abhishek) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सर्च ऑपरेशन चलाया है। अभिषेक पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी हैं। खबरों के मुताबिक, इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद 20 फरवरी को CBI ने उनके परिसरों की तलाशी ली।

एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया, 'लोकपाल ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की सिफारिश की थी। इस मामले में FIR दर्ज किए जाने के बारे में जल्द ही जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।' अभिषेक 1982 बैच के बिहार काडर के आईएएस ऑफिसर रहे हैं और वह 2019 में रिटायर हुए थे। कुछ प्राइवेट कंपनियों में भी सेवा दे चुके रमेश अभिषेक पर आरोप है कि उन्‍होंने आय के ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति अर्जित की है।

CBI के अधिकारियों ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और भ्रष्टाचार के मामले में रमेश अभिषेक के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद दिल्ली में उनके परिसरों पर जांच एजेंसी की कार्रवाई शुरू हुई। उनके खिलाफ मई 2019 में लोकपाल से शिकायत की गई थी।

लोकपाल की तीन मेंबर वाली बेंच ने अपनी जांच के बाद 2 फरवरी 2022 और 3 जनवरी 2023 को ED को अभिषेक के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया था। लोकपाल की बेंच में जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष, दिनेश कुमार जैन और इंद्रजीत गौतम शामिल थे। बेंच ने ED को 7 मार्च 2003 तक जांच पूरी करने के लिए कहा था।

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