स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक ब्रांच की तिजोरी से 11 करोड़ रुपये मूल्य के सिक्के गायब होने की जांच अब सीबीआई करेगी। यह मामला राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी एसबीाई ब्रांच का है। दरअसल, पिछले साल अगस्त में यह मामला सामने आया था। तब राजस्थान पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज किया था। वह इस मामले की जांच कर रही थी। लेकिन, अब मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है।
एसबीआई के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि अब इस मामले की जांच सीबीआई करेगी। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई है। एसबीआई ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने मामला सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया।
नियम के अनुसार, सीबीआई पैसे के गबन के मामले की जांच तभी करती है, जब गबन का मामला 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो। यह मामला 11 करोड़ रुपये के गबन का था। इसलिए एसबीआई ने इसकी जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया।
यह मामला पिछले साल का है। एसबीआई की इस ब्रांच में शुरुआती जांच में कैश रिजर्व में गड़बड़ी के संकेत मिले। फिर ब्रांच के अधिकारियों ने पैसे का कैलकुलेशन कराने का फैसला किया। जयपुर के एक प्राइवेट वेंडर को 13 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य को सिक्कों की गिनती का काम दिया गया। काउंटिंग में 11 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के सिक्के गायब होने का पता चला।
काउंटिंग में 13 करोड़ रुपये मूल्य के सिक्कों की जगह सिर्फ 3000 कॉइन बैग मिले, जिनमें करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य के सिक्के थे। इन्हें आरबीआई के कॉइन होल्डिंग ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया गया। बताया जाता है कि काउंटिंग में शामिल प्राइवेट वेंडर के इंप्लॉइज को रात में धमकी दी गई थी।
प्राइवेट वेंडर के कर्मचारी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। 10 अगस्त, 2021 को रात में उन्हें धमकी दी गई। उन्हें काउंटिंग के काम से अलग होने को कहा गया। एफआईआर में धमकी की बात शामिल है।
भास्कर की खबर के मुताबिक, करीब 15 हथियारबंद बदमाशों ने फर्म के मैनेजर को सिक्कों की गिनती नहीं करने की धमकी दी थी। इस संबंध में तब के बैंक मैनेजर हरगोविंद मीणा ने करौली एसपी को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।