Zerodha Result : देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्मों में से एक जिरोधा ने वित्त वर्ष 2021-22 में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। वित्त वर्ष के दौरान उसका प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों लगभग 60 फीसदी बढ़कर क्रमशः 1,800 करोड़ रुपये और 4,300 करोड़ रुपये हो गए। Entrackr की एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।
बढ़ रहे डेली औसत यूजर्स : कामत
कामत ने बताया, “पिछले वित्त वर्ष में बड़ी संख्या में नए यूजर्स जुड़े। बाजार में उतार-चढ़ाव था और कई IPO आए। इसलिए, हम रोजाना ज्यादा औसत यूजर्स दर्ज करने में कामयाब रहे।”
कंपनी की पब्लिक फाइलिंग्स के मुताबिक, जिरोधा (Zerodha) ने वित्त वर्ष 21 में 2,729 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया था, जबकि इससे पिछले साल में यह 938.5 करोड़ रुपये रहा था। वहीं, इस दौरान प्रॉफिट 424 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,122 करोड़ रुपये हो गया, जो 164 फीसदी बढ़ोतरी थी।
जिरोधा को वित्त वर्ष 22 के नतीजे अभी कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) के पास जमा करने हैं।
मार्केट की सुस्ती से बची हुई है कंपनी
हालांकि, कामत ने कहा कि कंपनी खुद को पब्लिक मार्केट्स में जारी सुस्ती से बचाए हुए है। उन्होंने कहा, “हमें अगले 3-6 महीने में ग्रोथ में सुस्ती दिख सकती है। मुझे नहीं लगता कि अगले 3-6 महीने में भी कोई कंपनी IPO लाने जा रही है। हालांकि एलआईसी का आईपीओ (LIC IPO) आ सकता है।”
नए ऑर्डर सिस्टम पर जारी है काम
जिरोधा पुराने सिस्टम पर निर्भरता खत्म करने पर काम कर रही है। कंपनी ने कहा कि वह फिलहाल एक इन-हाउस ऑर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (OMS) विकसित कर रही है, जो अगले साल की शुरुआत में लागू होने का अनुमान है। जिरोधा वर्तमान में रिफनिटिव (Refinitive) जैसे थर्ड पार्टी OMS का इस्तेमाल करती है, जिसका ग्राहक अनुभव पर ज्यादा कंट्रोल है।
कामत ने कहा, “हम अपने प्रोडक्ट्स पर पूरा कंट्रोल चाहते हैं। अगर हमारा अपने ओएमएस पर कंट्रोल नहीं है तो नवाचारों का कोई मतलब नहीं है।”
फरवरी, 2019 में बंद हुआ था ओएमएस सिस्टम
Zerodha को फरवरी, 2019 में लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था, जब ट्रेडिंग के घंटों के दौरान उसका ओएमएस बंद हो गया था। कंपनी ऑर्डर मैनेजमेंट के लिए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर एक्सचेंज से स्वीकृत OMS वेंडर थॉमसन रॉयटर्स ओम्नेसिस की सेवाएं लेती हैं।
कामत ने कहा, हमने लंबा सफर तय किया है और हम ऐसी कंपनी नहीं बनना चाहते जिसमें कभी गड़बड़ी हुई हो।