Bomb Threats: पिछले कुछ दिनों से 100 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बम से उड़ाने की मिली धमकियों के बाद केंद्र सरकार ने बुधवार (23 अक्टूबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) को स्थिति से निपटने के तरीके के लिए जमकर फटकार लगाई। केंद्र ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट से कहा कि यह "अपराध को बढ़ावा देने" के बराबर है। केंद्र की ओर से ये तीखी टिप्पणी एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान सामने आई, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एयरलाइंस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Meta के अधिकारियों के साथ बुलाया था।
सरकार ने एक्स और मेटा जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के प्रतिनिधियों से इसे रोकने के लिए उचित कदम उठाने का आदेश दिया है। बता दें कि पिछले आठ दिनों में 100 से अधिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में बम की झूठी धमकियां मिली हैं, जिससे सुरक्षा स्थिति गंभीर हो गई है।
सूत्रों ने बताया कि पिछले आठ दिनों में विभिन्न उड़ानों में बम की धमकियों के संदर्भ में कई एयरलाइन अधिकारियों और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की वर्चुअल बैठक हुई। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता संयुक्त सचिव संकेत एस भोंडवे ने की और इसमें एयर इंडिया और विस्तारा के अधिकारी शामिल हुए। आईटी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स की आलोचना की, जहां से सबसे ज्यादा ऐसी धमकियां मिलीं।
X से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधानों का उपयोग करके मैसेज भेजने वाले खातों को ब्लॉक करने के लिए भी कहा गया। केंद्र ने कहा कि वह एयरलाइनों के खिलाफ बम की धमकियों से निपटने के लिए नए कानून तैयार कर रहा है, जिसमें जिम्मेदार लोगों को 'नो-फ्लाई लिस्ट' में शामिल करना भी शामिल है। यह विमान सुरक्षा नियमों में संशोधन पर भी विचार कर रहा है जो उड़ानों के खिलाफ बम की धमकी देने वाले व्यक्तियों के लिए सख्त दंड सुनिश्चित करेगा।
एयरलाइन कंपनियों को 600 करोड़ का नुकसान
भारतीय एयरलाइन कंपनियों द्वारा संचालित करीब 50 घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बम होने की धमकी मंगलवार (22 अक्टूबर) को 24 घंटे के दौरान मिली। हालांकि, सभी धमकी अफवाह साबित हुई। लेकिन इसकी वजह से हजारों यात्रियों को मुश्किल का सामना करना पड़ा और सुरक्षा एजेंसिया परेशान रहीं। इन धमकी की वजह से उत्पन्न व्यवधानों के कारण एयरलाइन कंपनियों को लगभग 600 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
अधिकारियों मंगलवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने पिछले आठ दिनों में 90 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी के संबंध में आठ अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। पूरे घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को एयर इंडिया और इंडिगो की 13-13 उड़ानों, अकासा एयर की 12 से अधिक उड़ानों और विस्तारा की 11 उड़ानों को सहित करीब 50 उड़ानों को मिली। उन्होंने बताया कि सोमवार रात को एयर इंडिया, इंडिगो और विस्तारा की 10-10 उड़ानों सहित 30 उड़ानों को धमकियां मिली थीं।
एक घरेलू विमानन कंपनी के वित्त विभाग में काम कर चुके एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि औसतन एक घरेलू उड़ान में व्यवधान से करीब 1.5 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। जबकि एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए यह खर्च करीब 5-5.5 करोड़ रुपये हो सकता है।
उन्होंने बताया कि एक अनुमानित गणना के मुताबिक, एक घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान के कारण होने औसत करीब 3.5 करोड़ रुपये की क्षति हुई होगी। इस प्रकार से 170 से अधिक उड़ानों में व्यवधान के कारण विमानन कंपनियों को कुल घाटा लगभग 600 करोड़ रुपये होगा। उन्होंने कहा कि अनुमान मोटे तौर पर लगाए है, क्योंकि इसमें कम चौड़ाइ और अधिक चौड़ाई वाले विमानों तथा उड़ान की अवधि जैसे कई अन्य कारकों को भी ध्यान में रखना होता है।
पीटीआई के मुताबिक, पिछले 9 दिनों में भारतीय एयरलाइन कंपनियों द्वारा संचालित 170 से अधिक उड़ानों में बम होने की धमकियां मिली हैं। इनमें से अधिकतर धमकियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स X के जरिए मिली जिसकी वजह से कुछ अंतरराष्ट्रीय का रास्ता मोड़ना पड़ा। एक अन्य विमानन कंपनी के वित्त विभाग में काम कर चुके अन्य अधिकारी ने बताया कि कम चौड़ाई वाले विमानों की तुलना में अधिक चौड़ाई वाले विमानों की परिचालन लागत अधिक होती है।
सरकार विमानन कंपनियों को मिल रहीं बम की धमकियों से निपटने के लिए विधायी कार्रवाई की योजना बना रही है। सरकार विमानन सुरक्षा नियमों और 'नागरिक विमानन सुरक्षा के विरुद्ध गैर-कानूनी कृत्यों का दमन अधिनियम, 1982' में संशोधन करने की योजना बना रही है जिसके तहत विमान के जमीन पर होने के दौरान अपराधों के संबंध में अदालत के आदेश के बिना जांच शुरू की जा सकती है और अपराधियों को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके अलावा, विमानों में बम की धमकी देने वालों के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करने के वास्ते विमान सुरक्षा नियमों में बदलाव की भी योजना बनाई जा रही है।