छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ भीषण मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दक्षिण बीजापुर के जंगल में सुबह करीब नौ बजे उस समय गोलीबारी शुरू हुई, जब सुरक्षाकर्मियों की एक ज्वाइंट टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी और देर शाम तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में तीन जिलों से राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड (DRG), कोबरा की पांच बटालियन (CRPF की एक एलीट जंगल वॉरफेयर यूनिट - कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) और CRPF की 229वीं बटालियन के जवान शामिल थे।
अधिकारी ने बताया, "शुरुआती जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है, इसलिए ज्यादा जानकारी का इंतजार है।"
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है। इसके साथ ही इस महीने अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 26 नक्सली मारे जा चुके हैं।
12 जनवरी को बीजापुर जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में दो महिलाओं समेत पांच माओवादी मारे गए थे। पिछले साल राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 219 नक्सलियों को ढेर किया था।
सुकमा में IED विस्फोट में CRPF का कुत्ता घायल
इससे पहले छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल विरोधी गश्त के दौरान जवानों के साथ गया CRPF का एक कुत्ता IED विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
जिले के छिनागेलुर गांव के पास बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुए विस्फोट में तीन वर्षीय 'बेल्जियन शेफर्ड ट्रैकर' नर कुत्ते 'एंड्रो' के दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया।
अधिकारियों ने बताया कि कुत्ते ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत इलाके में गश्त कर रहे 229वीं बटालियन की 'अल्फा' कंपनी के जवानों की जान बचाई थी। उन्होंने बताया कि उसे निकटवर्ती बीजापुर जिले में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और अन्य सुरक्षा बल अलग-अलग राज्यों के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अभियानों में IED का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित कुत्तों का बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं।