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संसद के हंगामें से CJI NV रमना चिंतित, कहा – संसद में जरूरी बहस के बिना पास हो रहे हैं कानून

CJI रमना ने कहा कानूनों की कोई स्पष्टता नहीं है। हम नहीं जानते कि कानून का मकसद क्या है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 16, 2021 पर 8:30 AM
संसद के हंगामें से CJI NV रमना चिंतित, कहा – संसद में जरूरी बहस के बिना पास हो रहे हैं कानून

भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) एनवी रमना (NV Ramana) आज संसद के कामकाज की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि संसद में कार्यवाही के दौरान उचित बहस या चर्चा नहीं होती है।

रमना ने मौजूदा संसद की तुलना पहले के समय की संसद से करते हुए कहा कि पहले संसद के दोनों सदन वकीलों से भरे हुए रहते थे। उन्होंने वकीलों से भी सार्वजनिक सेवा के लिए संसद को अपना समय देने के लिए कहा है।
 
CJI ने कहा कि पहले संसद के दोनों सदनों में बहस पॉजिटिव और समझदारी भरी हुआ करती थी, हर कानून पर विशेष चर्चा होती थी, मगर अब संसद के बनाए कानूनों में खुलापन नहीं रहा। उन्होंने कहा, संसद के कानूनों में स्पष्टता नहीं रही। हम नहीं जानते कि कानून किस मकसद से बनाए गए हैं। यह जनता के लिए नुकसानदायक है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वकील और बुद्धिजीवी सदनों में नहीं हैं।

अगर हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को देखें तो उसमें कई लोग कानूनी बिरादरी (legal fraternity) के थे। लोकसभा और राज्यसभा के पहले सदस्य वकीलों के समुदाय से भरे हुए थे। सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराने के बाद चीफ जस्टिस ने ये बातें कही हैं।

 

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