अंडमान निकोबार द्वीप पर रहने वाले दुर्लभ और खतरनाक आदिवासी समुदाय ग्रेट अंडमानीज तक कोरोना संक्रमण पहुंच गया है। यहां पर संक्रमण पहुंचने के बाद तुरंत स्वास्थ्य निदेशालय हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य निदेशालय के उप निदेशक अभिजीत रॉय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यहां तक कोरोना पहुंचना चिंता का विषय है लेकिन प्रशासन द्वारा संक्रमितों को आइसोलेट किया गया है। कुल 5 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं जिसमें से 1 महिला और 4 पुरुष हैं।
उन्होंने बताया कि ये सारे प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं। अभी तक किसी में गंभीर लक्षण दिखाई नहीं दिये हैं। महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक पिछले हफ्ते सभी की जांच की गई थी जिसमें 5 लोग संक्रमित पाये गये हैं। अंडमान निकोबार में मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय की पांच दुर्लभ जनजातियां निवास करती हैं। इनमें जारवा, ग्रेट अंडमानीज, शोम्पेन, नॉर्थ सेंटीनेलेज और ओंग जनजातियां शामिल हैं। जरावा और नॉर्थ सेंटीनेजेज जनजातियां एक विशेष द्वीप पर रहती हैं।
अभिजीत रॉय ने कोरोना के ग्रेट अंडमानीज जनजाति तक पहुंचने की संभावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनमें से कुछ लोग रोजगार के लिए पोर्ट ब्लेयर से स्ट्रेट आइलैंड तक सफर करते हैं और विभिन्न काम करते हैं। जिसकी वजह से उन्हें ये संक्रमण होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बीच अंडमान और निकोबार द्वीप पर 25 अगस्त तक संक्रमितों की कुल संख्या 2945 थी जिसमें 37 लोगों की मृत्यू हो गई है।