Covid Vaccine: भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को DCGI ने दी मंजूरी, जानिए खासियत

वैक्सीन की खुराक नाक के जरिए दी जाती है। वैक्सीन को या तो एक खास नाक स्प्रे के जरिए या एरोसोल डिलीवरी के जरिए इंजेक्ट किया जाता है

अपडेटेड Sep 06, 2022 पर 5:03 PM
नेजल वैक्सीन को मस्कुलर वैक्सीन से ज्यादा असरदार माना जाता है।

Covid Vaccine: भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने कोरोना वायरस के खिलाफ नेजल वैक्‍सीन (Nasal vaccine) वैक्सीन बना दी है। इसे ड्रग कंट्रोलर (DCGI) की ओर से इमरजेंसी में इस्‍तेमाल के लिए मंजूरी भी मिल गई है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मंडाविया (Dr Mansukh Mandaviya) ने एक ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यह कोविड के खिलाफ भारत की लड़ाई में मजबूत हथियार का काम करेगा।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आएगी मजबूती

मंडाविया ने ट्वीट कर लिखा कि, "कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई को बड़ा बूस्ट मिला है। भारत बायोटेक के ChAd36-SARS-CoV-S COVID-19 (चिंपांजी एडेनोवायरस वेक्टरेड) रीकॉम्बिनेंट नेजल वैक्सीन को इमरजेंसी में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इस्तेमाल करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि यह कदम महामारी के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई को और मजबूती देगा। भारत ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अपने विज्ञान, अनुसंधान और विकास और मानव संसाधनों का भरपूर उपयोग किया है। बता दें कि नेजल वैक्सीन्स को लेकर कई स्टडी में वैज्ञानिकों ने इसके काफी प्रभावी होने का दावा किया है।

Long Covid का सबसे बड़ा खतरा! हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की बढ़ी आशंका, जानिए कैसे करें बचाव


जानिए क्या है नेजल वैक्सीन

इसमें वैक्सीन की खुराक नाक के जरिए दी जाती है। वैक्सीन को या तो एक विशिष्ट नाक स्प्रे के जरिए या एरोसोल डिलीवरी के जरिए इंजेक्ट किया जाता है। भारत में अभी जितनी वैक्सीन को मंजूरी मिली है। वो सभी इंट्रामस्कुलर हैं। जिसमें बांह में इंजेक्शन के जरिए दवा शरीर में डाली जाती है। नेजल वैक्सीन में इंजेक्शन का इस्तेमाल नहीं होता है।

दो तरह से हुए हैं ट्रायल

भारत बायोटेक ने इस नेजल वैक्सीन का ट्रायल दो तरह से किया है। पहला ट्रायल 3,100 लोगों पर किया गया है। ये ट्रायल देशभर में 14 जगहों पर हुए थे। इसमें इन लोगों को वैक्सीन की दो डोज दी गई थी। वहीं, दूसरा ट्रायल बूस्टर डोज के तौर पर किया गया था। इसके ट्रायल देशभर में 9 जगहों पर 875 लोगों पर किए गए थे। इसमें उन लोगों को शामिल किया गया था। जिन्होंने पहले दो डोज ले लिए थे। उन्हें बूस्टर डोज के तौर पर ये वैक्सीन लगाई गई थी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।