Aus vs Afghanistan: मंगलवार को मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम एक और ऐतिहासिक लमहे का गवाह बना। मंगलवार को जब ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान का मैच शुरू हुआ तो पलड़ा भले ही ऑस्ट्रेलिया का भारी रहा हो पर मैच रोमांचक होने की पूरी उम्मीद की जा रही थी। इसकी सबसे बड़ी वजह थी अफगानिस्तान का हालिया फॉर्म। अफगानी टीम इस विश्व कप में इंग्लैंड, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका को हरा चुकी है। खास बात यह है कि इनमें से तीन टीमें ऐसी हैं जिनके पास वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी है। अब मगंलवार के मैच में अफगान की निगाहें पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराने पर थीं।
दमदार अफगानिस्तान, लड़खड़ाई ऑस्ट्रेलिया
मैच की शुरुआत में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिछले कई मुकाबलों में रनों का पीछा करते हुए जीत दर्ज करने वाली अफगानी टीम शुरु से ही लय में नजर आई। हालांकि भले ही नियमित अंतराल पर अफगानिस्तान के विकेट गिरते रहे पर एक छोर से ओपनर इब्राहिम जादरान ने मोर्चा संभाले रखा। जादरान ने 143 गेंदों में अफगानिस्तान के लिए विश्व कप में पहला शतक जमाया। जिसके दम पर अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 292 रनों का टार्गेट दिया।
मैक्सवेल ने चेज करते हुए जड़ा ऑस्ट्रेलिया के लिए पहला दोहरा शतक
292 रनों का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद ही ज्यादा खराब रही। ओपनर ट्रेविस हेड दूसरे ही ओवर में बिना खाता खोले नवीन उल हक की गेंद पर आउट हो गए। उसरे बाद लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे। एक वक्त ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 91 रन पर सात विकेट हो गया था। तब ऐसा लग रहा था मानों जैसे आज अफगानिस्तान पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को और भी पुख्ता कर लेगी। पर आज वानखेड़े एक अलग ही रोमांच का गवाह बना। 'द बिग शो' के नाम से फेमस ग्लेन मैक्सवेल ने आज अपनी उपाधि के अनुरूप ही प्रदर्शन करते हुए एक ऐतिहासिक पारी खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया को अकेले दम पर जीत दिलाई। कप्तान कमिंस ने भी उनका बखूबी साथ दिया।
दर्द से कराहते हुए मैक्सवेल ने जड़ा दोहरा शतक
मैच में कई बार मैक्सवेल दर्द से कराहते हुए भी नजर आए। कई बार मैक्सवेल जमीन पर लेटे हुए भी दिखाई दिए। यहां तक कि एक लमहा ऐसा भी आया जब लगा कि वे मैदान से बाहर चले जाएंगे। यगहां तक एडम जैम्पा उनकी जगह खेलने के लिए मैदान की दहलीज तक आ भी गए थे। पर मैक्सवेल ने दर्द के सामने हार नहीं मानी और उनको वापस भेज दिया। मैक्सवेल ने 128 गेंदों में 201 रनों की पारी खेली। इसमें 10 छक्के और 21 चौके शामिल थे। इसी के साथ मैक्सवेल पहले ऐसे प्लेयर बन गए हैं जिनसे दूसरी पारी में दोहरा शतक जड़ा है। कप्तान कमिंस ने भी उनका बखूबी साथ दिया। उन्होंने एक छोर संभाले रखा और 68 गेंदों पर 12 रन बनाए। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई भी कर गया है।