Cyclone Biparjoy Updates: गुजरात के तटीय इलाकों से 50 हजार लोग निकाले गए, सौराष्ट्र-कच्छ में भारी बारिश

Cyclone Biparjoy Updates: IMD के मुताबिक, बिपरजोय के बृहस्पतिवार शाम एक बेहद शक्तिशाली चक्रवाती तूफान के रूप में 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाओं के साथ जखाऊ पोर्ट के पास कच्छ के मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच टकराने की संभावना है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेटिंग सेंटर (SEOC) की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, बुधवार सुबह खत्म हुई 24 घंटे की अवधि में देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया तालुक में सबसे ज्यादा 121mm बारिश दर्ज की गई

अपडेटेड Jun 14, 2023 पर 5:32 PM
Cyclone Biparjoy: कच्छ में चक्रवात बिपरजोय के आने से पहले तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को निकाला जा रहा है (PHOTO-PTI)

Cyclone Biparjoy Updates: गुजरात (Gujarat) के कच्छ (Kutch) जिले के जखाऊ बंदरगाह के पास शक्तिशाली चक्रवात बिपरजोय की संभावित दस्तक से पहले अधिकारियों ने राज्य के तटीय इलाकों से अब तक लगभग 50 हजार लोगों को निकालकर अस्थायी शेल्टर कैंप में शिफ्ट कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि बिपरजोय के गुजरात तट की ओर बढ़ने के साथ सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का सामना करना पड़ा।

IMD के मुताबिक, बिपरजोय के बृहस्पतिवार शाम एक बेहद शक्तिशाली चक्रवाती तूफान के रूप में 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाओं के साथ जखाऊ पोर्ट के पास कच्छ के मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच टकराने की संभावना है।

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेटिंग सेंटर (SEOC) की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, बुधवार सुबह खत्म हुई 24 घंटे की अवधि में देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया तालुक में सबसे ज्यादा 121mm बारिश दर्ज की गई। वहीं, द्वारका और कल्याणपुर में क्रमश: 92mm और 70mm पानी बरसा।


रिलीज के मुताबिक, उस दौरान में जामनगर, जूनागढ़, राजकोट, पोरबंदर और कच्छ जिले की नौ तालुका में 50mm से ज्यादा बारिश हुई।

SEOC के अनुसार, बुधवार सुबह खत्म हुए 24 घंटे में सौराष्ट्र और कच्छ जिले के 54 तालुका में 10mm से ज्यादा पानी बरसा।

प्रदेश रिलीफ कमिश्नर आलोक कुमार पांडे ने कहा, “चक्रवात अभी कच्छ से लगभग 290 किलोमीटर दूर है। एहतियाती कदम के तौर पर हमने लगभग 50 हजार लोगों को तटीय इलाकों से निकालकर सुरक्षित शेल्टर कैंप में शिफ्ट कर दिया है। निकासी अभियान अभी भी जारी है और शाम तक बाकी पांच हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।”

पांडे ने गांधीनगर में मीडिया को बताया कि जिन 50 हजार लोगों को निकाला गया है, उनमें से 18 हजार को कच्छ जिले के शिविरों में शिफ्ट किया गया है, जबकि बाकी को जूनागढ़, जामनगर, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, मोरबी और राजकोट में सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।

पांडे के मुताबिक, NDRF की 15, SDRF की 12, राज्य सड़क और भवन विभाग के 115 और प्रदेश विद्युत विभाग की 397 टीमों को अलग-अलग तटीय जिलों में तैनात किया गया है।

उन्होंने कहा, "विद्युत और सड़क एवं भवन विभाग के अधिकारी बिजली सप्लाई और कम्यूनिककेशन बहाल करने के लिए प्रभावित इलाकों में पहुंच चुके हैं। हमने बेहतर संवाद के लिए HAM रेडियो सेट और सैटेलाइट फोन से लैस अलग-अलग दलों को भी क्षेत्रीय इलाकों में तैनात किया है।"

15 जून को चक्रवात गुजरात तट पर पहुंचेगा

इससे पहले, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने चक्रवात के प्रकोप से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंगलवार रात राज्य सरकार के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंट्रर का दौरा किया।

IMD ने एक बुलेटिन में बताया कि 15 जून को चक्रवात के गुजरात तट पर पहुंचने के साथ ही राज्य में बारिश की तीव्रता बढ़ जाएगी और कच्छ, देवभूमि द्वारका तथा जामनगर में छिटपुट जगहों पर बेहद भारी बारिश होने के आसार हैं।

बुलेटिन के अनुसार, बिपरजोय के 15 जून की शाम तक एक बेहद शक्तिशाली चक्रवात के रूप में जखाऊ बंदरगाह (गुजरात) के पास मांडवी (गुजरात) और कराची (पाकिस्तान) के बीच सौराष्ट्र, कच्छ तथा निकटवर्ती पाकिस्तान तट को पार करने की संभावना है। इस दौरान, क्षेत्र में 125-135 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

बुलेटिन के मुताबिक, चक्रवात के कारण पोरबंदर, राजकोट, मोरबी, जूनागढ़ और सौराष्ट्र तथा उत्तर गुजरात क्षेत्र के बाकी जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।

IMD ने उत्तर गुजरात के जिलों और नजदीक के दक्षिण राजस्थान में शुक्रवार को भी छिटपुट जगहों पर हल्की से मध्यम स्तर की और भारी से बहुत भारी स्तर की बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।

Cyclone Biparjoy Updates: 15 जून की शाम गुजरात से टकराएगा बिपरजोय तूफान, सौराष्ट्र, कच्छ के लिए रेड अलर्ट, मुंबई में बारिश

 

विभाग ने कहा है कि पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिले के तटों पर बुधवार दोपहर से 65-75 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

IMD के मुताबिक, कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी जिले में ये हवाएं धीरे-धीरे 125-135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार अख्तियार कर लेंगी और फिर बृहस्पतिवार तक 150 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर पर पहुंच जाएंगी।

विभाग ने बताया कि सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्रों में समुद्री स्थितियां बुधवार शाम तक बहुत खराब व अस्थिर रहने के आसार हैं। उसने कहा कि बृहस्पतिवार शाम को समुद्री स्थितियों के सामान्य अवस्था में लौटने से पहले अत्यधिक खराब या अभूतपूर्व स्तर तक पहुंचने की आशंका है।

IMD ने कहा कि चक्रवात की दस्तक के दौरान समुद्र में खगोलीय ज्वार से लगभग दो-तीन मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठने के कारण प्रभावित जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना है। विभाग के अनुसार, कुछ जगहों पर तीन से छह मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।