साइक्लोन 'रेमल' रविवार रात बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच तट से टकरा गया है। यह पश्चिम बंगाल से आगे निकल चुका है। थोड़ी देर बाद कमजोर पड़ने के आसार हैं। जब यह बंगाल के तट पहुंचा, तब इस दौरान हवा की रफ्तार 135 किमी प्रति घंटे थी। साइक्लोन रेमल की वजह से बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। कई जगह पेड़ गिर गए हैं। इतना ही नहीं कई घरों को भारी नुकसान हुआ है। कुछ मलबे में बदल गए हैं। वहीं, आंधी-पानी में कोलकाता में दीवार गिरने से एक की मौत हो गई है। बांग्ला देश में 7 लोगों की मौत हो गई है। वहीं कोलकाता में 3 लोग घायल हो गए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल से बांग्लादेश तक तबाही मचाने वाला रेमल उत्तर की ओर आगे बढ़ रहा है। धीरे-धीरे यह कमजोर हो रहा है। रेमल के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया था। रेमल की वजह से कोलकाता के कई इलाकों में जलजमाव देखने को मिला।
साइक्लोन रेमल की वजह से पेड़ उखड़े, घरों की छतें उड़ीं
पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान रेमल का असर दिख रहा है। 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। रेमल के चलते कोलकाता समेत कई जगहों पर तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। इसके चलते कच्चे घरों की छतें उड़ गईं। बिजली के खंबे टूट गए। इतना ही नहीं हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि पेड़ भी उखड़ गए। चक्रवाती तूफान रेमल की लैंडिंग के बाद से ही कोलकाता में भारी बारिश हो रही है। बारिश के चलते कोलकाता के कई इलाके पानी से लबालब भर गए हैं। इसके चलते कई सड़कें जाम हो गई हैं। NDRF समेत तमाम एजेंसियां इन्हें हटाने के काम में जुटी हुई हैं।
राज्यपाल ने प्रभावित इलाकों का किया दौरा
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राजभवन के रैपिड एक्शन फोर्स के साथ चक्रवात 'रेमल' से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने हालात का जायजा लिया। पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में चक्रवात 'रेमल' के टकराने के बाद कई पेड़ उखड़ गए। चक्रवात 'रेमल' के टकराने के बाद कल रात पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलीं।
रेमल की वजह से बांग्लादेश में 7 लोगों की मौत
बांग्लादेश में च्रकवाती तूफान रेमल के टकराने के बाद कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है। कई इलाकों की बिजली गुल हो गई है। जिससे लाखों लोग बिजली संकट के दौर से गुजर रहे हैं। बांग्लादेश के कई गांव पानी से लबालब भर गए हैं। जिससे लोगों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भारी बारिश की वजह से असम के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।