Terror Attacks In J&K: डोडा में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी जारी, 100 घंटों में हुए 4 आतंकी हमले

Terror Attacks In J&K: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि आतंकवादियों का कश्मीर से जम्मू क्षेत्र की ओर ध्यान केंद्रित करना इस बात का संकेत है कि घाटी में वे दबाव में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे यहां सफल नहीं होंगे क्योंकि स्थानीय निवासी राष्ट्रवादी और देशभक्त हैं

अपडेटेड Jun 13, 2024 पर 7:29 AM
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Terror Attacks In J&K: पिछले 24 घंटों में डोडा में यह दूसरी आतंकवाद संबंधी घटना है

Doda Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के गंडोह इलाके के एक गांव में बुधवार (12 जून) शाम आतंकवादियों ने तलाशी दल पर गोलीबारी की जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। उन्होंने बताया कि शाम करीब 7 बजकर 41 मिनट पर भलेसा के कोटा टॉप इलाके से गोलीबारी की खबर मिली, जिस पर सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की। आखिरी रिपोर्ट मिलने तक दोनों पक्षों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी थी। उन्होंने बताया कि घेराबंदी को मजबूत करने के लिए इलाके में अधिक बल भेजा गया है।

घायल सुरक्षाकर्मी की पहचान विशेष पुलिस अधिकारी फरीद अहमद के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों ने गंडोह के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों के एक समूह से फिर से संपर्क स्थापित कर लिया है। मुठभेड़ जम्मू-हिमाचल प्रदेश सीमा से 5 किलोमीटर दूर एक इलाके में हो रही है।

3 दिनों में 4 आतंकी हमला


पिछले 24 घंटों में डोडा में यह दूसरी आतंकवाद संबंधी घटना है। जबकि जम्मू-कश्मीर में तीन दिनों में चौथी आतंकी घटना है। इससे पहले मंगलवार शाम को चत्तरगल्ला दर्रे में हुए आतंकवादी हमले में राष्ट्रीय राइफल्स के पांच जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे।

मंगलवार देर रात एक अन्य घटना में कठुआ जिले में सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया। बुधवार को एक दूसरे आतंकवादी को भी मार गिराने के बाद रात भर चली मुठभेड़ समाप्त हो गई, लेकिन इस अभियान में CRPF का एक जवान शहीद हो गया।

रविवार को आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हमला कर दिया, जिससे वह सड़क से उतरकर रियासी में गहरी खाई में गिर गई। इस आतंकी हमले में 9 लोगों की मौत हो गई और 41 घायल हो गए।

घायल जवान अस्पताल में भर्ती

घायल सुरक्षाकर्मी की पहचान विशेष पुलिस अधिकारी फरीद अहमद के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों ने गंडोह के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों के एक समूह से फिर से संपर्क स्थापित कर लिया है। मुठभेड़ जम्मू-हिमाचल प्रदेश सीमा से 5 किलोमीटर दूर एक इलाके में हो रही है।

पुलिस का मानना ​​है कि यह तीन से चार आतंकवादियों का समूह है जो इस इलाके के ऊंचे स्थानों में सक्रिय हैं। डोडा और किश्तवाड़ 1994 से 2001 तक हरकत-उल-मुजाहिदीन और जैश का गढ़ रहा है। 1994 में जब कश्मीर में उन पर भारी दबाव था, तो उन्होंने दबाव कम करने के लिए एक नया मोर्चा खोल लिया। इन हमलों में भी इसी तरह की रणनीति दिखाई देती है।

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पहली मुठभेड़ मंगलवार (11 जून) देर रात हुई थी, जब कठुआ के एक गांव में गोलीबारी करने वाले दो आतंकवादी मारे गए। इसके बाद हुई गोलीबारी में सीआरपीएफ का एक जवान भी शहीद हो गया और एक नागरिक घायल हो गया।

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