एक दिन में कमाएं 10,000 रुपए... ज्यादा कमाई के लिए कहीं गंवा न बैठें अपने जीवन भर की बचत, बस एक क्लिक लगा सकता है तगड़ा चूना

कई लोगों ने 'पैसे के लिए यूट्यूब वीडियो लाइक करने जैसी', 'पैसे के लिए सेलेब वीडियो शेयर करें', 'पैसे के लिए Google पर रेस्टोरेंट को रेट करें' या यहां तक ​​कि Whatsapp पर जॉब्स ऑफर जैसी प्लानिंग के लिए अपनी बचत खो दी है, जो शुरुआत में बहुत अच्छा लगता है। ऐसे घोटालों के बारे में आपको भी जानने की जरूरत है

अपडेटेड Apr 29, 2023 पर 5:46 PM
एक्सट्रा इनकम के लिए कहीं गंवा न बैठें अपने जीवन भर की बचत (PHOTO- CNBC TV18)

"क्या आप एक पार्ट टाइम या फुल टाइम नौकरी करना चाहते हैं, जो आपकी वर्तमान नौकरी को प्रभावित न करती हो, जहां आप 1-2 घंटे के बीच काम कर सकते हैं और हर दिन 1,000-7,000 रुपए कमा सकते हैं?"

CNBC TV 18 के मुताबिक, आगरा के 29 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर शोभित बंसल को एक दिन Whatsapp पर एक मैसेद मिला, जो किसी आम मैसेज से कुछ अलग लग रहा था। कुछ एक्सट्रा इनकम की उम्मीद में, बंसल ने इस ऑफर को स्वीकार कर लिया। उन्हें ये मालूम नहीं था कि वो एक घोटालेबाज के चंगुल में फंस गए है, जो खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी का रिक्रूयटर बता रहा था।

पहले तो ऐसा लगा कि सब कुछ ठीक चल रहा है, लेकिन जल्द ही बंसल स्कैमर्स पर कुछ ज्यादा ही भरोसा कर बैठे और उन्हें कुछ ही दिनों में लगभग 4 लाख रुपए का नुकसान हो गया।


दुर्भाग्य से, बंसल अकेले नहीं हैं, जो इस तरह के घोटाले के शिकार हुए हैं। उत्तर प्रदेश साइबर सेल इस समय ऐसे ही 900 अपराधों की जांच कर रही है। जबकि टाइम्स ऑफ इंडिया की जनवरी की एक रिपोर्ट ने संकेत दिया कि नौकरी घोटालों के जरिए केवल चार महीनों में 30,000 से ज्यादा लोगों को 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई।

कई सारी नौकरियां, घोटाले की एक ही रणनीति

वर्क फ्रॉम होम का मौका, ज्यादा सैलरी वाली नौकरियां, फ्लेक्सिबल वर्किंग हावर, पसंद करें और पैसा कमाएं, Google लिंक को रेट करें, क्रिप्टो ट्रेडिंग - ये कुछ कीवर्ड हैं, जिन्हें आपने मैसेज, Whatsapp, ईमेल और सोशल मीडिया फीड पर देखा होगा। ये कुछ सबसे कॉमन इंसेंटिव हैं, जिनका इस्तेमाल जालसाज लोगों को निवेश करने या ऑनलाइन जॉब घोटालों में फंसाने के लिए करते हैं।

हालांकि, ये सभी ऑनलाइन नौकरी घोटाले अलग-अलग ऑफर के साथ शुरू होते हैं, लेकिन वे एक कॉमन पैटर्न को फॉलो करते हैं। साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK के अनुसार, इसमें मूल रूप से आसान कामों को पूरा करना, विश्वास बनाने के बदले में छोटी रकम प्राप्त करना और धोखेबाजों की प्रामाणिकता स्थापित करना शामिल है।

हालांकि, एक बार जब टारगेट को एक महत्वपूर्ण रकम का भुगतान करने का लालच दिया जाता है, तो स्कैमर्स पैसा लेकर फरार हो जाते हैं और बाद में टारगेट के नंबर को ब्लॉक कर देते हैं।

Youtube वीडियो का लाइक कर कमाएं पैसे!

विजयलक्ष्मी आनंद* (बदला हुआ नाम), हैदराबाद में रहने वालीं एक गृहिणी हैं। वह अपने खुद के कुछ पैसे कमाकर अपने पति की मदद करने की उम्मीद कर रही थी। उन्हें एक ऑफर मिला, जो उस समय सही और वैध लग रहा था, जो उन्हें अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को छोड़े बिना कमाई एक जरिया दे रहा था। उन्हें जल्द ही पता चला कि इस ऑफर से उनके परिवार की ज्यादातर बचत खर्च हो जाएगी, क्योंकि उन्हें लगभग 2 लाख रुपए का नुकसान हो चुका था।

दोनों ही मामलों में बंसल और आनंद दोनों को टेलीग्राम पर एक "रिसेप्शनिस्ट" को मैसेज देने के लिए कहा गया था, ताकि कुछ कामों को पूरा करके नौकरी की पेशकश को आगे बढ़ाया जा सके, जिसमें Youtube वीडियो लाइक करना और हर एक लाइक के लिए 150 रुपए मिलने का ऑफर था।

लोगों को कुछ पेमेंट देकर और उन्हें ये विश्वास दिलाने के बाद कि ये वास्तव में नौकरी का एक अच्छा अवसर है, स्कैमर्स फिर उन्हें एक एक्सक्लूसिव ग्रुप में शामिल होने के लिए कहते हैं, जो ज्यादा आकर्षक रिटर्न के साथ प्रीपेड काम देता है।

बंसल ने कहा, "मुझे 1,000 रुपए का पेमेंट करने और एक क्रिप्टो ट्रेडिंग अकाउंट बनाने के लिए कहा गया, जिसमें मेरे भविष्य के सभी पेमेंट ट्रांसफर किए जाएंगे। मुझे 1,500 रुपए वापस मिल गए, जिससे मुझे उन पर भरोसा हो गया। डेली रुटीन में मैं ज्यादा पैसा निवेश करता रहा और प्लेटफॉर्म पर लाभ भी देख रहा था।"

इन ग्रुप में दूसरे लोग भी थे, जो रिक्रूटर की तरफ से शेयर किए गए पोर्टल पर नियमित रूप से निवेश कर रहे थे, जिससे ये सब वैध दिख रहा था। जब उन्हें पता चला कि उन्हें अपने बैंक अकाउंट तक पहुंचने के लिए पैसे निकालने हैं, तो उन्होंने ग्रुप के एडमिन से संपर्क किया, जिसे "टीचर" कहा जाता है, जिसने बदले में निकासी के लिए 2,50,000 रुपए जमा करने को कहा।

पैसे मांगने का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, टैक्स, फीस, कमीशन आदि के नाम पर दूसरे अनुरोध भी किए गए, जिसकी रकम 5 लाख रुपए तक थी। जब तक लोगों को पता चलता है कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है, तब तक वे अपनी गाढ़ी कमाई का काफी हिस्सा निवेश कर चुके होते हैं और उन्हें लगता है कि अब उनके लिए बहुत देर हो चुकी है।

घोटालेबाजों के टारगेट पर होते हैं ये लोग

साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेटर रितेश भाटिया के मुताबिक, ये ग्रुप उन लोगों को टारगेट करते हैं, जिनसे वे सबसे ज्यादा पैसे ऐंठ सकते हैं। उन्होंने कहा, “उनका टारगेट हर एक व्यक्ति से कम से कम 10 लाख रुपए ऐंठना है। आपने किसी चौकीदार या कैब ड्राइवर के बारे में इन घोटालों में पैसा गंवाने की कहानियां कभी नहीं सुनी होंगी, क्योंकि उनके पास इतना पैसा नहीं है।”

चैट-बेस्ड डायरेक्ट हायरिंग प्लेटफॉर्म Hirect की एक रिपोर्ट से पता चला है कि 20-29 साल की उम्र के मिलेनियल्स घोटालों और धोखाधड़ी वाले जॉब ऑफर के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं।

किसी को भी संदेह नहीं है कि Google पर कुछ YouTube वीडियो या रेटिंग लिंक को पसंद करने के ऑफर को स्वीकार करने से उनकी कमाई कम हो सकती है।

एक दूसरे साइबर क्राइम एक्सपर्ट यामिनी नायडू ने बताया कि कई बार ये घोटालेबाज जॉब पोर्टल्स के जरिए लोगों को ढूंढते हैं। उन्होंने कहा, "वे ऐसे लोगों को ढूंढते हैं, जो किसी तरह की नौकरी की तलाश करते दिखते हैं। इसके लिए वे एक घोटाले की एक पूरी प्लानिंग तैयारी करते हैं।"

...तो फिर गलती किसकी?

इस मामले में गलती किसकी है? ऐसे सवालों का जवाCब है- जो लोग ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं, इसके केंद्र में घोटालेबाज हैं, या अधिकारी उन पर नजर रखने में असमर्थ हैं।

इसके लिए मायने रखता है कि हम सतर्क रहें और हमें आने वाले हर मैसेज की दोबारा जांच करें। खासतौर से ऐसे मैसेज या फोन कॉल को लेकर ज्यादा सतर्क रहें, जिसका सोर्स नहीं मालूम हो।

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