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₹2000 का नोट लाना सही नहीं था, फिर क्यों लिया गया था ये फैसला? RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर ने खोला राज

2000 Notes Ban: पूर्व डिप्टी गवर्नर ने कहा कि RBI इन नोटों को बैंकिंग सिस्टम में आने के बाद वापस ले रहा है। उन्हें दोबारा जारी नहीं किया गया। यही वजह है कि इनमें से करीब आधे नोट पहले ही वापस ले लिए गए हैं। इसलिए, इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि बाकी नोटों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। आर गांधी ने नोटबंदी के दौरान 2000 रुपए का नोट जारी करने और फिर वापस लेने के फैसले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दिए

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड May 20, 2023 पर 9:13 PM
₹2000 का नोट लाना सही नहीं था, फिर क्यों लिया गया था ये फैसला? RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर ने खोला राज
₹2000 का नोट लाना सही नहीं था, फिर क्यों लिया गया था ये फैसला? (PHOTO- PTI)

2000 Notes Ban: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार देर शाम एक घोषणा में 2000 रुपए नोट (Rs 2000 Notes) को वापस लेने की घोषणा की। इस फैसले को "क्लीन नोट" पॉलिसी (Clean Note Policy) का एक हिस्सा बताया गया। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने ये भी कहा कि ये नोट लीगल टेंडर (Legal Tender) यानि वैध होगा। इसने बैंकों को तत्काल प्रभाव से ₹2000 के बैंक नोट जारी करना बंद करने की सलाह दी है। RBI ने कहा कि जनता 30 सितंबर तक बैंक ब्रांच में 2000 का नोट एक्सचेंज या जमा कर सकती है।

भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 24(1) के तहत नवंबर 2016 में ₹2000 का नोट को पेश किया गया था। ये फैसला इस दौरान 500 और 1000 रुपए के नोट बंद किए जाने और नए नोट जारी करने के दौरान लिया गया था। अर्थव्यवस्था में करेंसी की जरूरत को तेजी से पूरा करने के लिए उस समय 2000 का नोट लाया गया था।

RBI के इस फैसले के कुछ घंटों बाद ही सेंट्रल बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने ये माना है कि '2,000 रुपए के नोट की शुरुआत डिमॉनेटाइजेशन के सिद्धांतों के खिलाफ' थी। उन्होंने कहा कि इसे तब एक 'शॉर्ट टर्म वाले सामरिक फैसले के रूप में स्वीकार' किया गया था।

Moneycontrol के साथ खास बातचीत में, गांधी ने नोटबंदी के दौरान 2000 रुपए का नोट जारी करने और फिर वापस लेने के फैसले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दिए।

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