भारत के 8 सबसे अहम कोर सेक्टर की ग्रोथ जुलाई में 4.5% रही। कॉमर्स मिनिस्ट्री की तरफ से 31 अगस्त को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2022 के मुकाबले जुलाई में कोर सेक्टर की ग्रोथ घट गई है। जून में कोर सेक्टर की ग्रोथ 13.2% थी। जुलाई में 8 में से 6 कोर सेक्टर में प्रोडक्शन बढ़ा है। इन 8 अहम सेक्टर्स में कोल, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिसिटी, फर्टिलाइजर्स, सीमेंट और स्टील शामिल हैं। जून में कोर सेक्टर की ग्रोथ 13.3% थी।
जुलाई 2022 में साल-दर-साल आधार पर कोयले का प्रोडक्शन 11.4% बढ़ा है। जबकि इलेक्ट्रिसिटी के प्रोडक्शन में 2.2% का इजाफा हुआ है।
रिफाइनरी प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर्स का प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले 6.2% बढ़ा है।
इस दौरान सीमेंट प्रोडक्शन 2.1% और स्टील आउटपुट 5.7% बढ़ा है।
हालांकि इस दौरान क्रूड ऑयल के प्रोडक्शन में 3.8% की कमी आई है। नेचुरल गैस का प्रोडक्शन भी इस साल जुलाई में 0.3% गिर गया।
रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को झटका लगा है। पश्चिमी देशों में अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता बढ़ने से भारत भी अछूता नहीं है।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 13.5% रही है। RBI ने इस साल जून तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 16.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था। हालांकि, 13.5 फीसदी की ग्रोथ इंडियन इकोनॉमी की दूसरी सबसे ज्यादा ग्रोथ है। इससे पहले पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 20.1 फीसदी थी। इस तरह इंडिया दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बना हुआ है।
इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में 13.5 फीसदी की ग्रोथ ऐसे वक्त आई है, जब चीन अपनी इकोनॉमी को गिरावट से बचाने की भरसक कोशिश कर रहा है।