अप्रैल से अक्टूबर के दौरान यानी साल के पहले सात महीनों में केंद्र का राजकोषीय घाटा (fiscal deficit), पिछले साल के 39,200 करोड़ रुपए के मुकाबले घटकर 20,200 करोड़ रुपए रहा। CNBC-TV18 के मुताबिक, CGA की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चला है यह वित्त वर्ष 2022 के बजट अनुमान से भी 36.3 प्रतिशत कम है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष के लिए 15.07 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा था।
CGA ने एक महीने पहले कहा था कि केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा 5.26 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो सितंबर 2021 के आखिर में बजट अनुमान का 35 प्रतिशत था।
चालू वित्त वर्ष में घाटे के आंकड़े पिछले वित्त वर्ष की तुलना में काफी बेहतर दिखाई देते हैं, क्योंकि तब Covid-19 महामारी के दौर में उससे जुड़े खर्चों में उछाल आया था और घटा बढ़ गया था।
इस बीच, रेवेन्यू रिसिप्ट इस साल के बजट अनुमान के 70.5 प्रतिशत पर रहा, जबकि पिछले साल यह 34.2 प्रतिशत था। वहीं, कुल खर्च पिछले साल के 54.6 फीसदी के मुकाबले बजट लक्ष्य का 524 फीसदी रहा।
चालू वित्त वर्ष के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर बजट अनुमान का 45.7 प्रतिशत है, जबकि पिछले साल यह 47.9 प्रतिशत था। भारत का नेट टैक्स क्लेक्शन वित्त वर्ष 22 के बजट टारगेट का 68 प्रतिशत था, पिछले साल यह 35.2 प्रतिशत था।