Get App

RBI के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला इस साल के अंत तक खत्म हो सकता है: Crisil Economist DK Joshi

जोशी ने कहा कि सितंबर की मॉनेटरी पॉलिसी में आरबीआई रेपो रेट में 0.25 फीसदी वृद्धि कर सकता है। एक और वृद्धि इस साल के अंत तक हो सकती है। उसके बाद इंटरेस्ट रेट अपने पीक (सबसे ऊंचे स्तर) पर पहुंच जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 19, 2022 पर 2:54 PM
RBI के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला इस साल के अंत तक खत्म हो सकता है: Crisil Economist DK Joshi
आरबीआई महंगाई को काबू में करने के लिए मई से अब तक रेपो रेट में 1.40 फीसदी वृद्धि कर चुका है।

RBI के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला इस साल के अंत तक खत्म हो सकता है। इसकी वजह यह है कि आने वाले महीनों में महंगाई में कमी आने की उम्मीद है। CRISIL के चीफ इकोनॉमिस्ट धर्मकीर्ति जोशी ने यह अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि अगर मुद्रास्फीति की दर में उम्मीद के मुताबिक कमी आती हो तो मॉनेटरी पॉलिसी में सख्ती इस साल के अंत तक खत्म हो सकती है।

जोशी ने कहा कि सितंबर की मॉनेटरी पॉलिसी में आरबीआई रेपो रेट में 0.25 फीसदी वृद्धि कर सकता है। एक और वृद्धि इस साल के अंत तक हो सकती है। उसके बाद इंटरेस्ट रेट अपने पीक (सबसे ऊंचे स्तर) पर पहुंच जाएगा। इस साल मई में केंद्रीय बैंक ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया था। उसने तेजी से बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए यह कदम उठाया।

यह भी पढ़ें : Adani Power सहित Adani Group की तीन कंपनियों के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर

कोरोना की महामारी शुरू होने पर देश भर में लॉकडाउन लगा था। इकोनॉमी को लॉकडाउन के असर से बचाने के लिए RBI ने रेपो रेट को घटाकर 4 फीसदी कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने इकोनॉमी को सहारा देने के लिए बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के भी उपाय किए थे। आरबीआई ने धीरे-धीरे इन कदमों को वापस ले लिया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें