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क्रिप्टोकरेंसी पर प्रस्तावित बिल इस राह का अंत नहीं, बल्कि महज एक शुरुआत है

सरकार इसी साल शीतकालीन सत्र में डिजिटल करेंसी बिल पेश कर सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 12, 2021 पर 9:25 AM
क्रिप्टोकरेंसी पर प्रस्तावित बिल इस राह का अंत नहीं, बल्कि महज एक शुरुआत है
डिजिटल करेंसी बिल

भुवन भास्कर

क्रिप्टोकरेंसी पर प्रस्तावित बिल अभी संसद में पेश होना है, लेकिन उसके बारे में कुछ महत्वपूर्ण डिटेल सामने आने लगे हैं। कहा जा रहा है कि यह बिल क्रिप्टोकरेंसी में कारोबार करना तो अवैध बना ही देगा, लेकिन ऐसा करने वालों पर यह अधिकतम प्रहार करने वाला है। इसके अवैध कारोबार में लिप्त रहने वालों को बिना वारंट पकड़ा जा सकेगा, उन पर 20 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा और उन्हें डेढ़ साल तक की सजा हो सकेगी।

हालांकि इसके समानान्तर कुछ और भी बातें सामने आ रही हैं, जिनसे यह संकेत मिल रहा है कि क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बजाए इन्हें कड़े नियमन के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी को सौंप दिया जाएगा।

ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण है कि आखिरकार क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार का रुख है क्या? क्या क्रिप्टो वित्तीय रूप से इतने खतरनाक हैं कि सरकार इनका अस्तित्व पूरी तरह मिटा देना चाहती है, या फिर सरकार, जैसा कि इलोन मस्क और मुकेश अंबानी जैसे शीर्षस्थ उद्योगपति ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के बारे में कह चुके हैं, उससे सहमत होकर इसे एक अवसर देना चाहती है।

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