दिसंबर 2023 में भारत का औद्योगिक उत्पादन (IIP) पिछले महीने के मुकाबले थोड़ा सा बढ़कर 3.8 पर्सेंट हो गया। हालांकि, सालाना आधार पर इसमें गिरावट देखने को मिली है। सांख्यिकी और कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से 12 फरवरी को जारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2023 में यह आंकड़ा 2.4 पर्सेंट था, जबकि दिसंबर 2022 में भारत का औद्योगिक उत्पादन 5.1 पर्सेंट था।
इस बीच अप्रैल-दिसंबर 2023 में भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ 6.1 पर्सेंट रही, जबकि अप्रैल-दिसंबर 2022 में यह आंकड़ा 5.5 पर्सेंट था। यह आंकड़ा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार पर जारी किया गया है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आधिकारिक बयान से पता चलता है कि दिसंबर 2023 में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का प्रोडक्शन 3.9 पर्सेंट बढ़ा जो एक साल पहले की समान अवधि में 3.6 पर्सेंट था दिसंबर 2023 में माइनिंग प्रोडक्शन 5.1 पर्सेंट और पावर प्रोडक्शन 1.2 पर्सेंट की दर से बढ़ा। इस तरह मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में IIP की कुल वृद्धि दर 6.1 पर्सेंट रही है, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.5 पर्सेंट था।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने हाल ही में वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 के लिए उद्योगों के सालाना सर्वेक्षण के आंकड़े जारी किए थे। दोनों वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी से मची उथल पुथल से जूझ रही थी। बहरहाल, ,सर्वे के मुताबिक देश का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कच्चे माल के इस्तेमाल, उत्पादन और मुनाफे के मामले में मजबूत है।