Digital Lending Startups : सरकार की तरफ से डिजिटल लेंडर्स को राहत देने वाली खबर आई है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड एन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) ने 6 फरवरी को जारी प्रतिबंध के आदेश को रद्द कर दिया है। मिनिस्ट्री ने ऐप्स के रिव्यू और इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के साथ मीटिंग के बाद यह फैसला किया है। इंडस्ट्री से जुड़े कई सूत्रों ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि रिव्यू मीटिंग में MeitY के अधिकारियों ने इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों की बात सुनीं। उन्होंने मौखिक रूप से आदेश वापस लेने की बात कही। हालांकि लिखित सूचना मिलने का इंतजार है।
डिजिटल लेंडर्स रखा अपना पक्ष
सूत्रों ने कहा कि MeitY के अधिकारी Google जैसे ऐप होस्टिंग प्लेटफॉर्म्स को प्रतिबंध हटाने और ऐप्स को पहले की तरह चलने देने के लिए सूचित करेंगे। एक सूत्र ने कहा, “कई डिजिटल लेंडिंग ऐप्स के लिए यह आदेश राहत लेकर आया है, क्योंकि ज्यादातर सभी कंप्लायंस का पालन कर रहे हैं। बीते दो दिन के दौरान स्टार्टअप्स ने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा और प्रतिबंध का आदेश जल्द ही वापस ले लिया जाएगा।”
MeitY ने वेबसाइट्स और गूगल प्ले स्टोर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक करने के संबंध में 8 फरवरी को कई डिजिटल लेंडर्स के साथ बात की।
94 लेंडिंग ऐप्स पर लगाया था बैन
एक आधिकारिक बयान के लिए लेजीपे (LazyPay), किश्त (Kissht), ओला फाइनेंस (Ola Finance) और रुपीरेडी (RupeeRedee) से संपर्क नहीं हो सका। वीकेंड में माइटी की तरफ से 138 बेटिंग ऐप्स और 94 लेंडिंग ऐप्स पर प्रतिबंध और ब्लॉक की कार्रवाई से Kissht और पेयू (PayU) के निवेश वाली LazyPay जैसे कई घरेलू ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स को झटका लगा था। इन सभी चाइनीज लिंक होने के आरोप लगाए गए थे।
ब्लॉक करने का आदेश एन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 200 के सेक्शन 69ए के तहत ‘अर्जेंट’ और ‘इमरजेंसी’ बेसिस पर जारी किया गया था।