कंपनियां निवेश के फैसले लेने में आंतकी घटनाओं के रिस्क को भी ध्यान में रखती हैं : निर्मला सीतारमण

फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि कंपनियों को इनवेस्टमेंट के लिए अट्रैक्ट करने के वास्ते किसी देश की इकोनॉमिक पॉलिसी पर्याप्त नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि कोई कंपनी निवेश के फैसले लेने के दौरान यह देखती है कि उस देश में आतंकी घटनाओं की कितनी आशंका है

अपडेटेड Oct 20, 2023 पर 5:54 PM
Story continues below Advertisement
सीतारमण ने कहा कि अब सिर्फ कभी-कभार ही ऐसी घटनाएं देखने को नहीं मिलती हैं। या यह सिर्फ किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। ऐसी घटनाओं को कहीं भी, किसी वक्त और अकेले या संगठित तरीके से अंजाम दिया जा सकता है।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmlala Sitharaman) ने कहा कि कंपनियों को इनवेस्टमेंट के लिए अट्रैक्ट करने के वास्ते किसी देश की इकोनॉमिक पॉलिसी पर्याप्त नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि कोई कंपनी निवेश के फैसले लेने के दौरान यह देखती है कि उस देश में आतंकी घटनाओं की कितनी आशंका है। वित्त मंत्री ने 20 अक्टूबर को कहा कि बिजनेसेज को सिर्फ पॉलिसी बनाकर अट्रैक्ट नहीं किया जा सकता या सिर्फ इकोनॉमी को ओपन कर देने से कंपनियां निवेश के लिए नहीं आएंगी। कंपनियां इस तरह के फैसले लेने से पहले यह देखती हैं कि आतंकी घटनाओं का शिकार बनने की कितनी आशंका है।

उन्होंने कहा कि अब सिर्फ कभी-कभार ही ऐसी घटनाएं देखने को नहीं मिलती हैं। या यह सिर्फ किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। ऐसी घटनाओं को कहीं भी, किसी वक्त और अकेले या संगठित तरीके से अंजाम दिया जा सकता है। इस तरह की अनिश्चितता और रिस्क का लेवल कंपनी के निवेश का फैसला लेने में काफी मायने रखता है। इसकी वजह यह है कि ऐसा नहीं करने पर इनवेस्टमेंट एक स्थायी अनिश्चितता या हाईृ-कॉस्ट रिक्स बन सकता है। वित्तमंत्री ने दिल्ली में कौटिल्य इकोनॉमिक कॉनक्लेव में ये बातें कहीं। उन्होंने रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास लड़ाई के संदर्भ में ये बातें कहीं।

इन लड़ाइयों का असर कमोडिटी की ग्लोबल कीमतों पर पड़ा है। एनर्जी और फूड की कीमतों में भी उछाल आया है। उन्होंने कहा कि लड़ाई के दौरान फूड सिक्योरिटी एक तरह का हथियार नहीं बन जाना चाहिए। यह विडंबना है कि हम 21वीं सदी में फूड सिक्योरिटी की बात कर रहे हैं। कम से कम कुछ जरूरी खाद्यान्नों और चीजों के लिए एक तरह के भौगोलिक संतुलन की जरूरत है। अगर आप इन चीजों के लिए ग्लोबल सप्लाई पर निर्भर रहते हैं तो आपको ग्लोबल रिस्क को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने पूछा कि क्या कोई देश या इलाका फूड के मामले में यह रिस्क ले सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।