सितंबर महीने में देश का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में सालाना आधार पर 3.1 पर्सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गई। Index of Industrial Production (IIP) के मुताबिक, सितंबर महीने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन में 2.7 पर्सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। IIP आंकड़े को नेशनल स्टैटिस्टकल ऑफिस (NSO) जारी करता है।
सितंबर महीने में माइनिंग सेक्टर का उत्पादन 8.6 पर्सेंट बढ़ा, जबकि बिजली उत्पाद में करीब 0.9 पर्सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बता दें कि पिछले साल यानी सितंबर 2020 में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रिलय प्रोडक्शन (IIP) 1 पर्सेंट बढ़ा था।
इस साल के पहले छह महीनों यानी अप्रैल से सितंबर तक इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 23.5 पर्सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पिछले साल की इसी अवधि के दौरान इसमें 20.8 पर्सेंट की कमी दर्ज की गई थी।
पिछले साल कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण इंडस्ट्रियल उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ था और पूरे साल में इसमें 18.7 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई। वहीं कोरोना महमारी के चलते देश में पहली बार लॉकडाउन लगने के बाद अप्रैल 2020 में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 57.3 की गिरावट दर्ज की गई थी।
हालांकि जैसे-जैसे लो बेस इफेक्ट कम होता जा रहा है, वैसे-वैसे इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन की ग्रोथ में स्थिरता आती जा रही है। लो बेस इफेक्ट उसे कहते हैं, जब किसी साल आंकड़े काफी कम रहे हो और फिर अगले साल उससे तुलना करने पर आंकड़े कम नजर आएं।
मार्च 2021 के बाद से इसी लो बेस इफेक्ट के चलते IIP में लगातार शानदार ग्रोथ देखी जा रही है। उदाहरण के लिए IIP में जून में 13.6 पर्सेंट, मई में 27.6 पर्सेंट और अप्रैल में रिकॉर्ड 134 पर्सेंट की ग्रोथ दर्ज की गई थी। वहीं अगस्त महीने में IIP में 11.9 पर्सेंट ग्रोथ दर्ज की गई थी।
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