वित्त वर्ष 2025 में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमानः फाइनेंस मिनिस्ट्री

वित्त वर्ष 2025 में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ वास्तविक मायने में तकरीबन 6.5 पर्सेंट रहने का अनुमान है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, ग्रामीण और शहरी मांग, कैपिटल फॉर्मेशन में बेहतरी और सरकारी खर्च ज्यादा रहने से यह मुमकिन होगा। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने नवंबर 2024 के मंथली इकोनॉमिक रिव्यू में कहा है, 'मांग पक्ष की बात करें, तो ग्रामीण क्षेत्रों में मांग स्थिति बेहतर है अक्टूबर-नवंबर 2024 के दौरान टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेल्स और डोमेस्टिक ट्रैक्टर सेल्स का आंकड़ा शानदार रहा है। शहरी मांग भी तेज हो रही है'

अपडेटेड Dec 26, 2024 पर 9:12 PM
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सितंबर 2024 तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.4 पर्सेंट रहने के बाद अक्टूबर-मार्च अवधि में इकोनॉमी की परफॉर्मेंस बेहतर रहने के आसार हैं।

वित्त वर्ष 2025 में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ वास्तविक मायने में तकरीबन 6.5 पर्सेंट रहने का अनुमान है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, ग्रामीण और शहरी मांग, कैपिटल फॉर्मेशन में बेहतरी और सरकारी खर्च ज्यादा रहने से यह मुमकिन होगा। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने नवंबर 2024 के मंथली इकोनॉमिक रिव्यू में कहा है, 'मांग पक्ष की बात करें, तो ग्रामीण क्षेत्रों में मांग स्थिति बेहतर है अक्टूबर-नवंबर 2024 के दौरान टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेल्स और डोमेस्टिक ट्रैक्टर सेल्स का आंकड़ा शानदार रहा है। शहरी मांग भी तेज हो रही है और इसी अवधि में पैसेंजर व्हीकल सेल्स में सालाना आधार पर 13.4 पर्सेंट की बढ़त रही, जबकि डोमेस्टिक एयर पैसेंजर ट्रैफिक में जोरदार ग्रोथ देखने को मिली। नतीजतन, फाइनेंशियल ईयर 2025 के दौरान इकोनॉमी की ग्रोथ रियल टर्म में 6.5 पर्सेंट रहने का अनुमान है।'

सितंबर 2024 तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.4 पर्सेंट रहने के बाद अक्टूबर-मार्च अवधि में इकोनॉमी की परफॉर्मेंस बेहतर रहने के आसार है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'अक्टूबर-मार्च के दौरान ग्रोथ पहली छमाही के मुकाबले बेहतर रहने की उम्मीद है। फूड प्राइस में तेजी धीरे-धीरे कम होगी।' ग्रोथ को बढ़ाने में सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर की अहम भूमिका है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही के शुरू में कैपिटल फॉर्मेशन ग्रोथ के फिर से रफ्तार पकड़ने के संकेत मिल रहे हैं। वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स के ऑर्डर बुक में जबरदस्त तेजी रही।

इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अच्छी बढ़ोतरी का अनुमान है और सीमेंट, स्टील और इलेक्ट्रिसिटी इंडस्ट्रीज को मॉसून के बाद तेज हुई मांग और सरकार की पहल का फायदा मिलेगा।


वित्त वर्ष 2026 को लेकर नई अनिश्चितताएं

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्लोबल फैक्टर्स के कारण नई अनिश्चितताओं को लेकर चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है, ' ग्लोबल ट्रेड ग्रोथ पहले से कहीं ज्यादा अनिश्चित नजर आ रहा है। शेयर बाजार ऊंचे लेवल पर पहुंचने, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिका में पॉलिसी रेट एडजस्टमेंट इमर्जिंग मार्केट करेंसी पर दबाव डाल रही हैं।'

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