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Moody's : जून तिमाही में 6-6.3% रहेगी भारत की वृद्धि दर, RBI के 8 फीसदी के अनुमान से काफी कम

Moody's का यह अनुमान 2023-24 की पहली तिमाही के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आठ फीसदी के अनुमान से काफी कम है। मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज के एसोसिएट मैनेजिंग डायरेक्टर जीन फैंग का कहना है कि भारत के पास हाई ग्रोथ हासिल करने की क्षमता है

Edited By: Shubham Thakurअपडेटेड Jun 11, 2023 पर 3:27 PM
Moody's : जून तिमाही में 6-6.3% रहेगी भारत की वृद्धि दर, RBI के 8 फीसदी के अनुमान से काफी कम
रेटिंग एजेंसी मूडीज का अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष (2023-24) की जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 6-6.3 फीसदी की दर से बढ़ेगी।

Moody's : रेटिंग एजेंसी मूडीज का अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष (2023-24) की जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 6-6.3 फीसदी की दर से बढ़ेगी। इसके साथ ही मूडीज ने सरकार का राजस्व उम्मीद से कम रहने की वजह से राजकोषीय मोर्चे पर ‘फिसलन’ की भी आशंका जताई है। मूडीज का यह अनुमान 2023-24 की पहली तिमाही के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आठ फीसदी के अनुमान से काफी कम है। मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज के एसोसिएट मैनेजिंग डायरेक्टर जीन फैंग का कहना है कि भारत के पास हाई ग्रोथ हासिल करने की क्षमता है।

क्या है मूडीज का अनुमान

फैंग ने कहा कि 2022-23 में भारत का जनरल सरकारी कर्ज जीडीपी के काफी उच्चस्तर यानी 81.8 फीसदी पर रहा है जबकि डेट अफोर्डिबिलिटी इससे काफी कम है। फैंग ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की वृद्धि दर लगभग 6-6.3 प्रतिशत होगी, जो वित्त वर्ष 2022-23 की अंतिम तिमाही में दर्ज 6.1 प्रतिशत की वृद्धि के आसपास ही है।’’

फैंग ने कहा कि मुद्रास्फीति के नीचे आने की वजह से हमें उम्मीद है कि परिवारों की मांग सुधरेगी। फैंग ने कहा कि ‘Baa3’ की सॉवरेन रेटिंग के साथ भारत की ताकत उसकी बड़ी और विविधता वाली अर्थव्यवस्था है जिसमें हाई ग्रोथ रेट हासिल करने की क्षमता है। इसका अंदाजा कमजोर ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक के बीच वृद्धि के मजबूत अनुमान से लगाया जा सकता है।

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