मौजूदा फाइनेंशियल की दूसरी छमाही के दौरान आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है। रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से जारी मंथली बुलेटिन के मुताबिक, हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से भी इसकी पुष्टि होती है। रिजर्व बैंक के बुलेटिन में कहा गया है कि यह तेजी आगे भी जारी रहने के आसार हैं। इस बुलेटिन में रेखा मिश्रा , रजनी दहिया, दुर्गा जी, अर्पिता अग्रवाल आदि एक्सपर्ट्स की राय को शामिल किया गया है। बहरहाल, रिजर्व बैंक की तरफ से प्रेस रिलीज में कहा गया है कि इन लेखों में व्यक्त किए गए विचार रिजर्व बैंक के आधारिक पोजिशन को नहीं दिखाते हैं।
बुलेटिन के मुताबिक, औद्योगिक गतिविधियों में पिछली तिमाही के मुकाबले सुधार देखने को मिला है, जैसा कि जनवरी के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़ों में भी दिखाई देता है। रिजर्व बैंक के बुलेटिन में बताया गया है कि ट्रैक्टर सेल्स ग्रोथ एवं फ्यूल कंजम्प्शन में तेजी और एयर पैसेंजर ट्रैफिक में लगातार ग्रोथ से रिकवरी के माहौल में मदद मिली है।
इसमें आगे कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में मांग का सिलसिला बना हुआ है। दरअसल, कृषि आय में बढ़ोतरी का असर मांग पर दिख रहा है। दिसंबर 2024 तिमाही के दौरान ग्रामीण इलाकों में फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) की मांग में 9.9 पर्सेंट की बढ़ोतरी रही, जबकि दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 5.7 पर्सेंट था। दिसंबर 2024 तिमाही के दौरान शहरी मांग में भी रिकवरी देखने को मिली और इसमें इससे पिछली तिमाही के मुकाबले तकरीबन दोगुनी बढ़ोतरी हुई।