केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी रेगुलेट करने के लिए बिल लाने की तैयारी में है। जब से यह खबर आई है लोग यह अंदाजा लगा रहे हैं कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने की तैयारी में है। इन खबरों की वजह से Bitcoin का भाव गिरकर एक महीने के निचले स्तर पर आ गया है।
मार्केट्स और एक्सपर्ट्स सरकार के इस कदम के असर का अनुमान लगा रहे हैं। लेकिन सूत्रों ने CNCB-TV18 को बताया है कि सरकार जिस तरह के रेगुलेशन की बात कर रही है उससे क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह बैन नहीं लगेगा।
सूत्र ने कहा, "रेगुलेशन मैकेनिज्म तय होने के बाद क्रिप्टोकरेंसी का गलत इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। सरकार को इस बात की फिक्र है कि क्रिप्टो का इस्तेमाल हवाला या टेरर फंडिंग में ना किया जाए।"
सूत्रों ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी को वैध करेंसी की मान्यता नहीं दी जाएगी क्योंकि यह असल करेंसी और देश के टैक्स सिस्टम के लिए खतरा है। उन्होंने आगे कहा, "क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक सख्त मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा ताकि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां यह पता लगा सकें कि क्रिप्टोकरेंसी का ट्रांजैक्शन कहां से शुरू हुआ है और इसका इस्तेमाल किसी राष्ट्रविरोधी या अवैध काम में तो नहीं हो रहा है।"
क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 (The Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021) उन 26 बिल में शामिल है जिन्हें शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किया जाएगा। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होगा।
इससे पहले BJP नेता जयंत सिन्हा की अध्यक्षता में संसदीय समिति की एक बैठक हुई थी। इस बैठक में क्रिप्टोकरेंसी फाइनेंस और इसके शेयरहोल्डर्स से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई है। इसके बाद यह फैसला लिया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह पाबंदी नहीं लगाई जाएगी बल्कि उसे रेगुलेट किया जाएगा।