Chinese loan apps case: ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर पेटीएम (Paytm) और कैशफ्री पेमेंट्स (Cashfree Payments) अपने परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के छापों की पुष्टि करते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दे रहे हैं। फिनटेक कंपनियों ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि हमने जांच एजेंसी को जरूरी जानकारियां उपलब्ध करा दी हैं।
कुछ मर्चेंट्स के मामले में चल रही जांच
Paytm के स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, “हम जांच एजेंसियों को सपोर्ट कर रहे हैं, जो मर्चेंट्स के कुछ खास वर्ग की जांच कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, अधिकारियों ने इन मर्चेंट्स से जुड़ी खास जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश के साथ हमसे संपर्क किया है। हमने तुरंत प्रतिक्रिया दी और हम अधिकारियों को पूरा सहयोग देते रहेंगे। बताते चलें कि केंद्रीय जांच एजेंसी चायनीज लोन एप्स से जुड़े मामले में जांच कर रही है।
कैशफ्री पेमेंट्स ने दिया यह बयान
इसी प्रकार, Cashfree Payments के स्पोक्सपर्सन ने कहा, “हम ईडी को उसके ऑपरेशन में पूरा सहयोग दिया। साथ ही जांच से जुड़ी हर जरूरी जानकारी उसी दिन उपलब्ध करा दी।”
छापेमारी पर अपनी प्रतिक्रिया में कैशफ्री के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि हमारे ऑपरेशन और ऑन बोर्डिंग प्रक्रियाओं पीएमएलए यानी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है और आगे भी ऐसा करते रहेंगे।
ईडी ने जब्त किए कितने करोड़
जांच एजेंसी ED ने शुक्रवार, दो सितंबर को चाइनीज लोन ऐप्स से जुड़े मामले में फिनटेक कंपनियों के छह ठिकानों पर छापे मारे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिग्गज फिनटेक कंपनियों रेजरपे (Razorpay), कैशफ्री पेमेंट्स (Cashfree Payments) और पेटीएम पेमेंट सर्विसेज (Paytm Payment Services) के बंगलुरू स्थित छह ऑफिसों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। ईडी ने जानकारी दी कि चीनी कंपनियों के मर्चेंट आईडी और बैंक खातों से अभी तक 17 करोड़ रुपये जब्त हुए हैं।
ईडी के बयान के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई के तहत किसी चाइनीज शख्स से जुड़ी कंपनियों की भी तलाशी ली गई।
यह कार्रवाई बेंगलूरु सिटी के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दाखिल कई एफआईआर को लेकर की गई। लोगों ने मोबाइल ऐप्स के जरिए कुछ कंपनियों या शख्स से छोटी राशि के कर्ज लिए गए थे जिसकी वसूली के लिए उन्हें हैरेसमेंट का शिकार होना पड़ा। इसे लेकर एफआईआर दर्ज किया गया था। इसके बाद ईडी ने इस मामले में शुक्रवार को सर्च ऑपरेशंस चलाया।