RBI dividend : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार, 20 मई 2022 को सरकार को 30,307 करोड़ रुपये का डिविडेंड सरप्लस के रूप में ट्रांसफर करने की अनुमति दे दी है। यह डिविडेंड वित्त वर्ष 22 के लिए है। आरबीआई के बोर्ड ने कंटिंजेंसी रिस्क बफर 5.50 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला किया है।
बजट के मुताबिक, सरकार ने केंद्रीय बैंक और सरकार के स्वामित्व वाले बैंकों से वित्त वर्ष 23 में 73,948 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिलने का अनुमान जाहिर किया था।
बीते साल नौ महीनों के लिए दिया था डिविडेंड
आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता में हुई आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 596वीं बैठक में डिविडेंड भुगतान का फैसला लिया गया।
बीते साल मई में आरबीआई ने जुलाई, 2020 से मार्च, 2021 तक नौ महीने की अवधि के लिए 99,122 करोड़ रुपये के डिविडेंड के भुगतान का ऐलान किया था। आरबीआई ने सरकार के वित्त वर्ष के अनुरूप अपना वित्त वर्ष लागू करने के उद्देश्य से इस अवधि के लिए डिविडेंड दिया था।
इससे पहले आरबीआई जुलाई-जून तक वित्त वर्ष मानता थी, जबकि सरकार का वित्त वर्ष अप्रैल-मार्च अवधि के लिए होता था।
बैठक में इन मुद्दों पर भी हुआ विचार
अपनी बैठक के दौरान, बोर्ड ने मौजूदा आर्थिक हालात, वैश्विक और घरेलू चुनौतियों और हाल के जिओपॉलिटिकल घटनाक्रमों के असर की समीक्षा की।
एक बयान के मुताबिक, बोर्ड ने अप्रैल, 2021 से मार्च, 2022 तक आरबीआई के कामकाज पर भी विचार विमर्श किया और अकाउंटिंग वर्ष 2021-22 के लिए अपनी एनुअल रिपोर्ट और खातों को भी मंजूरी दे दी।