रिजर्व बैंक ने रेपो रेट नहीं बढ़ाया है। केंद्रीय बैंक ने 8 अगस्त को मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान किया। इसमें उन्होंने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट नहीं बढ़ाने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि फिलहाल होम लोन के ग्राहकों की ईएमआई नहीं घटेगी। आरबीआी की मॉनेटरी पॉलिसी उम्मीद के मुताबिक है। एनालिस्ट्स ने कहा था कि अगस्त की मॉनेटरी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में कमी होने की उम्मीद नहीं है।
होम लोन की EMI फिलहाल नहीं घटेगी
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) में रेपो रेट नहीं घटने का मतलब है कि फिलहाल कर्ज सस्ता होने नहीं जा रहा है। इसके अलावा पहले होम लोन ले चुके ग्राहकों की EMI भी घटने नहीं जा रही है। उन्हें ईएमआई में कमी के लिए अभी इंतजार करना होगा। केंद्रीय बैंक ने एक साल से ज्यादा समय से रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि होम लोन के ग्राहकों को इंटरेस्ट रेट में कमी के लिए कम से कम इस साल के अंत तक इंतजार करना होगा।
ग्राहक बैंक से इंटरेस्ट रेट में रियायत के लिए बात कर सकते हैं
होम लोन के ऐसे ग्राहक जिनका इंटरेस्ट रेट ज्यादा है, वे अपने बैंक से इंटरेस्ट रेट में रियायत के लिए बातचीत कर सकते हैं। अगर आपका बैंक राहत देने को तैयार हो जाता है तो आपको अपने लोन को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं है। अगर आपका बैंक रियायत देने को तैयार नहीं है तो आप दूसरे बैंक में अपने लोन को ट्रांसफर करने के बारे में सोच सकते हैं। लेकिन, यह ध्यान में रखना होगा कि लोन ट्रांसफर की कॉस्ट ज्यादा नहीं होना चाहिए।
क्या अभी होम लोन लेने का प्लान टाल देना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग घर खरीदने के लिए होम लोन लेने का प्लान बना रहे हैं उनके सामने दो विकल्प हैं। पहला, वे कुछ महीनों तक इंतजार कर सकते हैं। इस साल के अंत तक इंडिया में इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका में भी केंद्रीय बैंक पर इंटरेस्ट रेट घटाने का दबाव बढ़ा है। अगर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट घटता है तो उसका असर आरबीआई पर भी पड़ेगा। अगर आपको बहुत अच्छी कीमत पर प्रॉपर्टी मिल रही है तो आपको इंटरेस्ट घटने का इंतजार नहीं करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि बाद में प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने पर कम इंटरेस्ट रेट के बावजूद आपको नुकसान हो सकता है।