Inflation अगर 4 फीसदी के RBI के टारगेट के करीब आ जाता है तो मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव देखने को मिल सकता है। एमपीसी की सदस्य अशिमा गोयल ने यह संकेत दिया है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने इनफ्लेशन को लेकर कई बातें बताईं। MPC की अप्रैल की बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद उन्होंने इस बारे में चर्चा की। आरबीआई की एमपीसी ने 6 अप्रैल को मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट नहीं बढ़ाने का फैसला किया था। हालांकि, उम्मीद की जा रही थी कि रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।
जरूरत पड़ने पर रेट बढ़ा सकता है केंद्रीय बैंक
एमपीसी के बयान और मिनट्स से पता चलता है कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला कर सकती है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने का फैसला सिर्फ अप्रैल की मॉनेटरी पॉलिसी के लिए है। हालांक, यह माना जा रहा है कि एमपीसी ने इंटरेस्ट बढ़ाने की साइकिल पूरी कर ली है। खासकर तब जब रिटेल इनफ्लेशन मार्च में 5.66 फीसदी के 15 महीनों के सबसे निचले स्तर पर आ गया। इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि रिटेल इनफ्लेशन में गिरावट जारी रहेगी। यह अप्रैल में गिरकर 5 फीसदी के नीचे आ सकता है। अप्रैल का डेटा आरबीआई की अगली मॉनेटरी पॉलिसी से पहले आ जाएगा। अगली मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक 6 जून को शुरू होगी। इसके नतीजे 8 जून को आएंगे।
अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान
गोयल ने कहा, "अगर मार्केट्स चेतावनी पर ध्यान नहीं देता है तो वह एक बार फिर से सरप्राइज हो सकता है। उसे इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि आने वाले डेटा इनफ्लेशन और ग्रोथ पर किस तरह असर डालते हैं।" गोयल के मुताबिक, 6 अप्रैल के एमपीसी के फैसले ने मार्केट को चौंकाया। इसकी वजह यह है कि मार्केट एमपीसी क्या कह रहा है, उस पर ध्यान देने के बजाय अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ज्यादा ध्यान देता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक 3 मई को इंटरेस्ट रेट के बारे में फैसला लेने वाला है। ऐसा लगता है कि वह इंटरेस्ट रेट में 0.25 फीसदी वृद्धि कर सकता है।
FY24 में औसत इनफ्लेशन 5.2% रहने की उम्मीद
गोयल ने संकेत दिया कि मॉनेटरी पॉलिसी डेटा पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, "अगर ग्रोथ अच्छी रहती है तो एमपीसी इनफ्लेशन के टारगेट को हासिल करने पर फोकस बढ़ा सकता है। इसके लक्ष्य के करीब आ जाने से पॉलिसी के मामले में थोड़ा स्पेस मिल जाएगा।" गोयल मुंबई के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च में एमेरिटस प्रोफेसर हैं। आरबीआई ने 2023-24 में रिटेल इनफ्लेशन औसत 5.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।