RBI अगले हफ्ते एक बार फिर इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। रायटर्स के पोल में शामिल 50 फीसदी से ज्यादा इकोनॉमिस्ट्स ने इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान जताया। उनका मानना है यह वृद्धि 0.50 फीसदी हो सकती है। कुछ इकोनॉमिस्ट्स ने 0.35 फीसदी वृद्धि का अनुमान जताया।
इस हफ्ते के आखिर में RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग होने वाली है। इसमें रेपो रेट में वृद्धि का ऐलान होगा। इनफ्लेशन के 7 फीसदी लेवल को देखते हुए इंटरेस्ट रेट में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये में भी लगातार गिरावट आ रही है।
इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के मामले में RBI की तरफ से देर हुई है। दूसरे देशों के केंद्रीय बैंकों के मुकाबले उसने देर से इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया। उधर, रिटेल इनफ्लेशन लगातार केंद्रीय बैंक के 2-6 फीसदी की टारगेट रेंज से ऊपर बना हुआ है।
RBI इस साल मई से अब तक इंटरेस्ट रेट तीन बार बढ़ा चुका है। इससे रेपो रेट 1.40 फीसदी बढ़कर 5.40 फीसदी पर पहुंच गया है। इसके बावजूद इनफ्लेशन में बहुत ज्यादा कमी देखने को नहीं मिली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक इनफ्लेशन काबू में नहीं आ जाता, इंटरेस्ट रेट में वृद्धि जारी रहेगी।
हालांकि, रायटर्स के पोल में इंटरेस्ट रेट में वृद्धि को लेकर इकोनॉमिस्ट्स की राय बंटी हुई थी। 51 में से 26 इकोनॉमिस्ट्स का मानना था कि केंद्रीय बैंक इस हफ्ते इंटरेस्ट रेट 0.50 फीसदी बढ़ा सकता है। 20 इकोनॉमिस्ट्स का मानना था कि रेपो रेट में 0.35 फीसदी वृद्धि की जा सकती है। बाकी 5 इकोनॉमिस्ट्स का मानना था कि रेपो रेट में 0.20 से 0.30 फीसदी बढ़ोतरी की जा सकती है।
अगस्त के पोल के मुकाबले इस बार ज्यादा इकोनॉमिस्ट्स ने रेपो रेट बढ़ने के अनुमान जताए। किसी इकोनॉमिस्ट ने यह नहीं कहा है कि इस हफ्ते RBI रेपो रेट को अपरिवर्तित रखेगा। अमेरिका में भी इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। इस हफ्ते बुधवार को फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट 0.75 फीसदी बढ़ा दिया। यह इंटरेस्ट रेट में लगातार तीसरी बढ़ोतरी थी। इससे डॉलर दो दशक की ऊंचाई पर पहुंच गया है। इधर, रुपये पर दबाव बढ़ गया है।