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Retail Inflation: दिसंबर में रिटेल इनफ्लेशन 5.22% पर, चार महीने के निचले स्तर पर आई महंगाई

Retail Inflation: उच्च मुद्रास्फीति एक अहम वजह रही है, जिसके चलते भारतीय रिजर्व बैंक ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिसंबर की अपनी बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार 11वीं बार रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा। बजट के बाद फरवरी में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी द्वारा ब्याज दरों पर निर्णय लिया जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2025 पर 4:47 PM
Retail Inflation: दिसंबर में रिटेल इनफ्लेशन 5.22% पर, चार महीने के निचले स्तर पर आई महंगाई
Retail Inflation: दिसंबर में खुदरा महंगाई घटकर चार महीने के निचले स्तर 5.22 फीसदी पर आ गई है।

Retail inflation: महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए अच्छी खबर है। दिसंबर में खुदरा महंगाई घटकर चार महीने के निचले स्तर 5.22 फीसदी पर आ गई है। पिछले महीने यह आंकड़ा 5.48 फीसदी था। सरकार ने आज 14 जनवरी को ये आंकड़े जारी किए हैं। हालांकि, यह लगातार चौथा महीना है जब रिटेल इनफ्लेशन 5 फीसदी से अधिक है। फूड इनफ्लेशन की बात करें तो यह चार महीनों में पहली बार 9 फीसदी से नीचे आ गया है।

फूड इनफ्लेशन 8.39 फीसदी पर

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित इनफ्लेशन नवंबर में 5.48 फीसदी और दिसंबर, 2023 में 5.69 फीसदी रही थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी CPI आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में खाने-पीने की चीजों की मुद्रास्फीति घटकर 8.39 फीसदी रह गई। नवंबर में यह 9.04 फीसदी और दिसंबर 2023 में 9.53 फीसदी थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले महीने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने मुद्रास्फीति के अनुमान को 4.5 फीसदी से बढ़ाकर 4.8 फीसदी कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने खाद्य कीमतों पर दबाव के कारण अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कुल मुद्रास्फीति के उच्चस्तर पर बने रहने की भी आशंका जतायी थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित कुल मुद्रास्फीति जुलाई-अगस्त के दौरान औसतन 3.6 फीसदी से बढ़कर सितंबर में 5.5 फीसदी और अक्टूबर, 2024 में 6.2 फीसदी रही थी।

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