पावर रिफॉर्म के दो बिल पेश, विपक्ष के विरोध के बाद एक बिल स्टैंडिंग कमिटी में भेजा गया

इस चर्चा के दौरान बिजली मंत्री ने कहा कि विपक्ष इन बिलों पर भ्रम फैला रहा है। नए बिल में डिस्कॉम पर सख्ती करने का प्रावधान है। इसमें डिस्कॉम पर पेनाल्टी का प्रावधान भी है

अपडेटेड Aug 08, 2022 पर 6:02 PM
निचले सदन में ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने ये बिल पेश किया। इसका कांग्रेस, द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने विरोध किया और इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया है

पावर सेक्टर में बड़े सुधारों के लिए आज लोकसभा में दो अहम बिल पेश किए गए। विपक्ष के विरोध के बाद इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल को स्टैंडिंग कमिटी में भेज दिया गया जबकि इलेक्ट्रिसिटी कन्जर्वेशन बिल को पास कराने के लिए लोकसभा में चर्चा हो रही है। बता दें की आज पेश इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल में बिजली वितरण क्षेत्र में बदलाव करने, नियामक तंत्र को मजबूत बनाने एवं व्यवस्था को सुसंगत बनाने का प्रस्ताव किया गया है। निचले सदन में ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने ये बिल पेश किया। इसका कांग्रेस, द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने विरोध किया और इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया है।

इस चर्चा के दौरान बिजली मंत्री ने कहा कि विपक्ष इन बिलों पर भ्रम फैला रहा है। नए बिल में डिस्कॉम पर सख्ती करने का प्रावधान है। इसमें डिस्कॉम पर पेनाल्टी का प्रावधान भी है। इस बिल से रिन्युबल परजेच फ्रेमवर्क मजबूत होगा। मुफ्त और सस्ती बिजली पर रोक नहीं लगेगी।

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सरकार ने भी कहा कि बिजली सेक्टर के प्राइवेटाइजेशन का इरादा नहीं है। इस मुद्दे पर पहले ही राज्यों और स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा की गई है। क्रॉस सब्सिडी से बिजली कंपनियों को फायदा होता है। इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल लागू होने से इस फायदे पर रोक लगेगी। डिस्कॉम को बिजली कंपनियों के पेमेंट नहीं चुकाने पर पेनाल्टी देनी होगी। रेगुलेटर फ्लोर प्राइस और सीलिंग प्राइस तय करेगा। रिन्युबल परजेच फ्रेमवर्क और मजबूत होगा।

बता दें की आज पेश इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल में बिजली वितरण क्षेत्र में बदलाव करने, नियामक तंत्र को मजबूत बनाने एवं व्यवस्था को सुसंगत बनाने का प्रस्ताव किया गया है। निचले सदन में ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने ये बिल पेश किया। इसका कांग्रेस, द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने विरोध किया और इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया है।

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